सावधान... एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल इतना खतरनाक
भोपाल. बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेना सेहत के लिए जानलेवा हो सकता है। कोरोना काल में कई लोगों ने संक्रमण से बचने के लिए बिना डॉक्टरी सलाह के दवाएं ले लीं। इनमें से कई लोगों को इसके गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़े।
ऐसा ही एक मामला हमीदिया अस्पताल में आया है। छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में एक वॉर्ड ब्यॉय ने कोरोना संक्रमण के दौरान व्हाट्सऐप पर चले रहे मैसेज के अनुसार दवाएं ले लीं। ओवर डोज से उसकी एक किडनी खराब हो गई। अब हमीदिया अस्पताल में उसका किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा। कोरोना में ओवर मेडिसिन से किडनी खराब होने का यह पहला मामला है। 26 साल के इस युवक को उसकी बड़ी बहन ही किडनी दान कर रही है। हमीदिया अस्पताल के पीआरओ डॉ. एके जैन का कहना है कि गुरुवार को ट्रांसप्लांट होगा।
बुखार आने पर खाता था दवाएं
ड्यूटी के दौरान यह युवक वार्ड में कोरोना मरीजों के साथ ही रहता था। कई शव भी उठाने पड़ते थे।?ऐसे में कई बार उसे बुखार, सिरदर्द या बदनदर्द हुआ तो डॉक्टर को दिखाए बिना दवाएं ले लेता था।
एंटी बायोटिक के ज्यादा सेवन से नुकसान
इंफेक्शन जल्दी ठीक न हो पाना। एलर्जी-डायरिया की समस्या। शरीर केमाइक्रोब्स या बैक्टीरिया खुद को बदल लेते हैं, इससे दवा का असर नहीं होता।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता बताते हैं कि संक्रमण काल ही नहीं सामान्यत: भी लोग बिना डॉक्टर की सलाह के सीधे दवाएं और एंटीबायोटिक ले लेते हैं। मजदूर या ज्यादा शारीरिक श्रम करने वाले लोग रात में आराम के लिए इन दवाओं को खाते हैं। सरकार को चाहिए कि वो एंटीबायोटिक और दर्दनिवारक दवाओं के उपयोग को लेकर सख्त गाइडलाइन तैयार करे।