13 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NEET Paper Leak: ‘पापा किसान है, लोन लेकर जैसे-तैसे पढ़ाया, अब सब खत्म हो गया…’

NEET Paper Leak: ' गर्मी में अभिभावक घंटों सेंटर के बाहर बैठे रहे। किसी ने बेटी के लिए गहने गिरवी रखे, किसी ने लोन लेकर कोचिंग कराई। अब वही परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

3 min read
Google source verification
NEET UG 2026 Cancelled

NEET UG 2026 Cancelled (Photo Source: AI Image)

MP News: तीन साल से सिर्फ पढ़ाई की…दोस्तों से दूरी बनाई… घरवालों ने हर जरूरत पूरी की… लेकिन अब लग रहा है कि मेहनत की कोई कीमत ही नहीं। नीटयूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद राजधानी सहित प्रदेशभर के हजारों छात्रों की यही हालत है। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का सपना लेकर परीक्षा देने पहुंचे छात्रों के लिए पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबर किसी सदमे से कम नहीं रही।

3 मई को 33 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा में करीब 13 हजार 685 छात्र शामिल हुए थे। इनमें बड़ी संख्या उन छात्रों की थी, जो छोटे शहरों और गांवों से उम्मीदों का बोझ लेकर राजधानी पहुंचे थे। गर्मी में अभिभावक घंटों सेंटर के बाहर बैठे रहे। किसी ने बेटी के लिए गहने गिरवी रखे, किसी ने लोन लेकर कोचिंग कराई। अब वही परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सबसे ज्यादा दर्द नरसिंहपुर से आई छात्रा शिवानी कौरव की बातों में दिखाई दिया। परीक्षा केंद्र के बाहर रोते हुए उसने कहा कि उसके पिता किसान हैं और उन्होंने लोन लेकर डॉक्टर बनाने का सपना देखा था।

पूरे मामले की न्यायिक जांच करवाई जाए

एनएसयूआइ के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रा-छात्राओं ने नीट परीक्षा रद्द होने के खिलाफ मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। छात्रों का कहना है कि देशभर मे 30 लाख छात्रछा त्राएं प्रतिवर्ष नीट यूजी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करते हैं।

एनएसयूआइ के भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि नीट की परीक्षा में हर वर्ग का छात्र प्रतिभागी के रूप में शामिल होता है, लेकिन अमीर लोगों के बच्चों को अच्छे नंबर से पास करवाने के उद्देश्य से शिक्षा माफिया द्वारा प्रतिवर्ष नीट का पेपर लीक करवा दिया जाता है और बाद में परीक्षा ही रद्द हो जाती है।

डॉक्टर बनने का सपना टूटा

मेरे अपने मम्मी-पापा से बहुत मुश्किल से नीट की तैयारी के लिए अनुमति मिली थी। भोपाल में रहकर तीन साल कोचिंग की। हर दिन सिर्फ डॉक्टर बनने का सपना देखा। अब लग रहा है सब खत्म हो गया। परीक्षा पर भरोसा ही नहीं बचा। दोबारा ऐसा नहीं होगा, इसकी क्या गारंटी है।- राखी सिंह, नीट अभ्यर्थी

मैंने पहली बार नीट परीक्षा दी थी। ऑफलाइन कोचिंग की फीस बहुत ज्यादा थी, इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई की। पूरा साल सिर्फ पढ़ाई में निकाला। एग्जाम रद्द होने की खबर सुनकर बहुत निराशा हुई। अब री-नीट की बात हो रही है, जिससे मानसिक तनाव और बढ़ गया है। -विशाखा वघेल, नीट अभ्यर्थी

मेरे पापा किसान हैं। उन्होंने लोन लेकर मुझे कोचिंग कराई और भोपाल एग्जाम दिलाने भेजा। घर में सबको उम्मीद थी कि अब डिंदगी बदल जाएगी। लेकिन अब लग रहा है सब बर्बाद हो गया। जरूरी नहीं कि दोबारा परीक्षा अच्छी ही जाए या फिर से पेपर लीक न हो। -शिवानी कौरव, नरसिंहपुर

नीट पेपर लीक ने छात्रों का भरोसा तोड़ा

नीट-2026 पेपर लीक ने 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत और भरोसा तोड़ दिया। भाजपा सरकार में परीक्षा नहीं, ''पेपर लीक सिस्टम'' चल रहा है। 10 साल में 89 से अधिक पेपर लीक हुए और हर बार सिर्फ बयान आए। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार का बच्चा रात-रात भर पढ़ाई करे, और माफिया वॉट्सऐप पर पेपर बेच दे इससे बड़ा अन्याय क्या होगा ? मोदी सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं रख पा रही। देश का युवा जवाब मांग रहा है आखिर पेपर लीक माफिया को संरक्षण कौन दे रहा है ? - उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष

नीट एग्जाम का निरस्त होना एन टी ए की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। नीट परीक्षा देने वाले छात्र एवं उनके माता पिता के साथ यह धोखा है और उनके साथ अन्याय हुआ है। सरकारों ने न तो व्यापम कांड से कुछ सीखा न 2024 नीट परीक्षा में हुई धांधली से कुछ सीखा। आज देश को आजाद हुए 75 सालों के बाद भी हम एक पारदर्शी और सच्ची परीक्षा भी नहीं करवा पा रहे हैं। -डॉ राकेश मालवीया, अध्यक्ष, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मप्र