तवे के ऐसे कई महत्व भी है, जो उस घर के लोगों के लिए बहुत लाभकारी हैं। इसी को लेकर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिष पंडित श्यामनारायण व्यास बताएंगे वास्तु के अनुसार तवे महत्व।
भोपाल/ तवा हमारे किचन की सबसे जरूरी चीजों में से एक है। इसके बिना किचन अधूरा है। आपने भी अब तक मध्य प्रदेश का कोई किचन बिना तवे के नहीं देखा होगा। क्योंकि, बिना तवे के रोटी बन पाना भी संभव नहीं है। ये तो हुआ तवे का साधारण महत्व, लेकिन क्या आप जानते हैं कि, तवे के ऐसे कई महत्व भी है, जो उस घर के लोगों के लिए बहुत लाभकारी हैं। इसी को लेकर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिष पंडित श्यामनारायण व्यास बताएंगे वास्तु के अनुसार तवे महत्व।
खुल जाएंगे बंद किस्मत के दरवाजे!
पंडित व्यास के अनुसार, वैसे तो तवे को मूल रूप से रोटी बनाने, मसाला भूनने या तड़का लगाने के लिए घी या तेल गर्म करने के इस्तेमाल में लिया जाता है। लेकिन, इसके इस्तेमाल के बाद किचन में इसे किसी खास जगह और खास तरीके से रखने से बेहद लाभ हो सकते हैं। उनका मानना है कि, अगर व्यक्ति उन तरीकों को सच्चे मन के साथ व्यवस्थित तौर पर करेगा तो उसके घर में कभी भी धन की कमी नहीं होगी। या यूं कहें कि,उसकी किस्मत के बंद दरवाजे खुल जाएंगे।
राहु का प्रतिनिधित्व करते हैं तवा और कढ़ाई
रसोई को साफ रखें। अगर कोई महिला गंदे तवे या फिर गंदी कढ़ाई का इस्तेमाल करती है तो इसका सीधा असर उसके पति की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। साथ ही, घर के बच्चों या पति नशे में लिप्त हो जाते हैं ऐसा राहु के कुप्रभाव के कारण होता है। आप अन्य उपायों के साथ अपनी रसोई पर भी ध्यान दीजिए कि कहीं ये तवे और कढ़ाई के गलत तरीके से रखने की वजह से तो नहीं हो रहा। आइए जानते हैं आपके काम की वह 12 बातें जिनकी समझ होने से आपको जीवन में बड़ा लाभ हो सकता है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
-रात का खाना बनाने के बाद तवे को रोज़ाना धोकर रखें, ऐसा करने से अन्न का अपमान नहीं होता, इससे अन्न देवता की प्रसन्नता बढ़ती है, जिससे आपके घर में कभी भी खाने की कमी नहीं आती।
-जब सुबह खाना बनाने जाएं तो तवे को गरम करने के बाद रोज इस्तेमाल होने वाले नमक को तवे पर डालें। यह ध्यान रखें कि, नमक में कोई भी अन्य पदार्थ ना मिला हो यानी हल्दी या लाल मिर्च।
-तवे पर परिवार के सदस्यों के लिए रोटी बनाने से पहले 2 या 3 इंच की रोटी बनाएं। अब इस रोटी को किसी ऐसी जगह पर रख दें कि, उसे कोई जानवर खा सके। अगर घर में ही कोई जानवर पला है तो उसे भी यह रोटी दे सकते हैं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होगी और सुख-समृद्धि का संचार होगा।
-तवे का उपयोग करने के बाद उसे किसी भी आम जगह पर ना रखें, इसे किसी साफ सुथरी और ऐसी जगह पर रखें जहां से किचन में आने वाले हर व्यक्ति की उसपर नज़र ना पड़ सके।
-तवे या कढ़ाई को कभी भी उल्टा नहीं रखना चाहिए। नास्तु शास्त्र के अनुसार यह घर में असमान्य घटनाओं के होने का कारण बनता है।
-तवा और कढ़ाई जहां खाना बनता है उसके दाएं तरफ रखें। शास्त्र के अनुसार बाएं और को नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
-खाना बनाने के बाद कभी भी तवे को खाली चुल्हे पर न छोड़ें, उसे धौकर पहले बताई जगह पर सुरक्षित रखें।
-गर्म तवे पर कभी भी पानी न डालें। शास्त्र के अनुसार, इससे होने वाली छन्न की आवाज आपके जीवन में मुश्किलों का शोर पैदा कर सकती है।
-जब तवा ठंडा हो जाए तब उस पर नींबू और नमक रगड़ें, कहा जाता है कि, जितनी चमक तवे की बढ़ेगी उतनी ही आपकी किस्मत भी चमकदार हो जएगी।
-तवे या कढ़ाई को कभी भी तीखी चीज से ना खुरचें। हो सके तो उसे गला कर रख दीजिए और बाद में आहिस्ता से चिपकी सामग्री को हटाएं।
-तवे या कढ़ाई को कभी भी जूठा न करें ना ही उस पर जूठी सामग्री रखें। इन दोनों चीजों की पवित्रता का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। घर में इनकी स्वच्छता का जितना ध्यान रखा जाएगा धन के आगमन के रास्ते उतने ही आसान होंगे। सभी बर्तनों में यह दो चीजें बहुत सम्मान के योग्य हैं।