जानिए, सख्त आईएएस अफसर निधि निवेदिता की पूरी कहानी
भोपाल. राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता एक बार फिर से चर्चा में हैं। इस बार जो की हैं, उसे जानकर आप भी कहेंगे कि कलेक्टर हो तो ऐसी। जी हां, निधि निवेदिता हमेशा अपनी सख्त छवि को लेकर चर्चा में रही हैं। लेकिन इस बार उनकी चर्चा एक ऐसे काम की वजह से हो रही है, जो कम ही सुनने को मिलता है।
2012 बैच की महिला आईएएस अफसर निधि निवेदिता मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कलेक्टर हैं। निधि सबसे पहले चर्चा में तब आईं थी जब वह सिंगरौली जिले में जिला पंचायत सीईओ के रूप में तैनात थीं। वहां वह शौचालय मुहिम का निरीक्षण करने निकली थीं। वहां के पंचायत सचिव ने बिना निर्माण के लिए शौचालय निर्माण की फर्जी फोटो दिखा थी।
निधि निवेदिता जब मौके पर जाकर निरीक्षण कीं तो वहां से शौचालय नदारद मिला। इसके बाद उन्होंने पंचायत सचिव सुरेश सिंह को सरेआम सजा दी और लोगों के सामने ही उससे उठक-बैठक कराई। मई 2016 की इस घटना का वीडियो खूब वायरल हुआ था और निधि निवेदिता चर्चा में आ गईं थी।
इसके साथ ही जनवरी 2019 में ही एक और वाक्या सामने आया था, जब राजगढ़ जिले में एक घटना को लेकर पूर्व मंत्री बद्री लाल यादव प्रदर्शन कर रहे थे। डीएम के सामने जैसे ही पूर्व मंत्री ने कहा कि 90 दिनों में कांग्रेस की सरकार गिर जाएगी। इतना सुनते ही राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता भड़क गईं और कहा था कि यहां पॉलिटिक्ल बात मत कीजिए।
डीएम ने यहां तक सुना दिया था कि इनके माथे पर नहीं लिखा है कि ये पूर्व मंत्री हैं। उसके बाद सबलोग शांत हो गए। नेता जी को सख्त शब्दों में समझा दिया कि सिर्फ मुद्दे पर बात कीजिए। निधि निवेदिता का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
निधि की पहचान मध्यप्रदेश में एक ईमानदार अफसर के रूप में है। वह राजगढ़ से पहले इंदौर में भी अपर कलेक्टर के रूप में तैनात रही हैं। यहां भी उनकी पहचान सख्त अफसर के रूप में थी। इसके साथ ही निधि महिला बाल विकास मंत्रालय में भी पोस्टेड रही हैं।वह झारखंड की रहने वाली हैं।
अब निधि निवेदिता खून की कमी से जूझ रही एक लड़की मदद कर चर्चा में हैं। दरअसल, राजगढ़ जिले में स्थित ब्लड बैंक में खून की कमी थी। ऐसे में ब्यावरा के खजूरिया गांव में रहने वाली कविता दांगी को खून चढ़ाया जाना था। लेकिन अस्पताल में बी पॉजिटिव ब्लड नहीं था। लड़की के पिता ने खून के लिए सोशल मीडिया पर डाला। कलेक्टर निधि निवेदिता ने यह मैसेज देखा तो खुद ही अस्पताल में ब्लड देने पहुंच गईं।