नगर निगम द्वारा भले ही कुत्तों की नसबंदी और धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन यह कारगर साबित नहीं हो रहा है। इसलिए हर क्षेत्र में लोग कुत्तों से परेशान हैं। फिर चाहे बात कुत्तों से डर की हो या फिर कुत्तों द्वारा की गई गंदगी की परेशानी लोगों को लगता है कि लाल पानी की ये बोतलें उन्हें इस परेशानी से राहत दिला रही हैं...लेकिन ये टोटका कितना सच पढ़ें एक्सपर्ट की ये रिपोर्ट...

नगर निगम द्वारा भले ही कुत्तों की नसबंदी और धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन यह कारगर साबित नहीं हो रहा है। इसलिए हर क्षेत्र में लोग कुत्तों से परेशान हैं। खासतौर पर जब सुबह लोग घरों से निकलते हैं तो उनका सामना कुत्तों द्वारा की गई गंदगी से होता है। इसके साथ घर के किनारों पर कुत्ते गंदगी करते हैं। इससे निपटने के लिए अब लोगों ने देशी टोटकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इनमें डॉक्टर, वकील, अधिकारी, बिजनेसमेन सभी शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में लटकी हैं बोतलें
अरेरा कॉलोनी क्षेत्र के कई मकानों, 11 सौ क्वार्टर हनुमान मंदिर मुख्य मार्ग से लगे पीडब्ल्यूडी के क्वार्टर्स, गोकुल धाम कॉलोनी, द्वारकाधाम कॉलोनी, शिवाजी नगर आदि में कई घरों के बाहर यह टोटके देखने को मिल रहे हैं।
दहशतजदा लोग बोले है बड़ी राहत
1. गोकुलधाम कॉलोनी के निक्की पंकज ने बताया कि कुत्ते झुंड बनाकर गेट पर सोते थे और गंदगी करते थे। बॉटल में लाल रंग मिलाकर लटकाया तो कुछ हद तक राहत मिली।
2. अरेरा कॉलोनी निवासी शक्ति सिंह ने बताया कि कुत्तों को लाल रंग देखने में तकलीफ होती है।
इनका कहना है
जानवरों के हिंसक व्यवहार से लोगों का मेन्टल हेल्थ प्रभावित हो सकता है। एंग्जायटी,फोबिया,पोस्ट ट्रॉमेटिक डिसऑर्डर हो सकते हैं।
- डॉ.सत्यकांत त्रिवेदी, कंसलटेंट साइकेट्रिस्ट
कलर ब्लाइंडनेस की दिक्कत मेरे हिसाब से कुत्तों में नहीं होती है। लाल बोटल लटकाना सिर्फ टोटका है। इससे कुत्तों को कोई फर्क नहीं पड़ता है।
- डॉ. विनोद साहू, पशु चिकित्सक