भोपाल

BJP में पुराने अनुभवी नेताओं को फिर मिलेगा मौका, इन 28 नामों पर चर्चा तेज

MP News: निगम-मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य मानवाधिकार आयोग एपी सिंह, वित्त आयोग जयभान सिंह पवैया, अनुसूचित जाति आयोग डॉ. कैलाश जाटव व अनुसूचित जनजाति आयोग रामलाल रौतेल शामिल हैं।

2 min read
Apr 26, 2026
bjp flags (Photo Source - Patrika)

MP News: मप्र भाजपा में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी फिलहाल बैकफुट पर नजर आ रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की जोड़ी ने संगठन और सत्ता के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी रणनीति अपनाई है, जिसके चलते बड़े गुटों का प्रभाव सीमित होता दिख रहा है।

हालांकि, यह भी साफ है कि गुट पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं और वे अपने-अपने स्तर पर सक्रिय बने हुए हैं। राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा जयभान सिंह पवैया की वापसी को लेकर है। एक समय गुटबाजी के कारण हाशिए पर गए पवैया को वित्त आयोग से मुख्यधारा में लाया गया है। इसे संगठन का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि पुराने और अनुभवी नेताओं को दरकिनार करने की बजाय उन्हें पुन: अवसर दिया जाएगा।

ये भी पढ़ें

एमपी को उत्तर और दक्षिणी राज्यों से सीधा जोड़ देगा 4329 करोड़ का नया रेलवे ट्रैक

इन पर श्रेय लेने नहीं आया कोई

निगम-मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य मानवाधिकार आयोग एपी सिंह, वित्त आयोग जयभान सिंह पवैया, अनुसूचित जाति आयोग डॉ. कैलाश जाटव व अनुसूचित जनजाति आयोग रामलाल रौतेल शामिल हैं। राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम केशव सिंह बघेल और ग्वालियर मेला प्राधिकरण में भी अध्यक्ष अशोक जादौन नियुक्त किए जा चुके हैं। इनमें नियुक्ति को लेकर अब तक भाजपा के किसी भी गुट ने अपने प्रभाव से नियुक्ति करने का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष दावा नहीं ठोका। राजनीतिक मामलों के जानकारों की माने तो सत्ता व संगठन ने हर पहलुओं को देखते हुए ये नाम तय किए। हालांकि इनमें से राज्य मानव अधिकार आयोग में एपी सिंह की नियुक्ति के लिए तो संवैधानिक चयन प्रक्रिया अपनाई गई।

मोहन-हेमंत की जोड़ी ने कराई पवैया की वापसी

भाजपा में एक दौर था जब गुटबाजी हावी थी। पावरफुल नेता अपने गुट को बढ़ाने में सफल रहे। गुटबाजी में जमीनी नेता हासिए पर चले गए। ऐसा ही एक नाम जयभान सिंह पवैया का है। लंबे समय सक्रिय राजनीति से वनवास के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की जोड़ी ने वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाकर वापसी कराई है।

सत्ता व संगठन से निकाले 28 नाम

सत्ता व संगठन ने ग्वालियर, विंध्य, उज्जैन, रतलाम, अमरकंटक विकास प्राधिकरणों के साथ ही महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड, मछुआ कल्याण बोर्ड, अपेक्स बैंक, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक, वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन, स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन, महिला आयोग व बाल संरक्षण आदि आयोगों पर विचार बना रहा है।

इन पर केपी यादव, संजीव कांकर, मधुसुदन भदौरिया, सुधीर गुप्ता, वेद प्रकाश शिवहरे, केशव भदौरिया, पंचुलाल प्रजापति, अजय सिंह, संजय तीर्थानी, मनोहर पोरवाल- गोविंद काकड़, प्रवीण सोनी, महेश केवट, रवि सोलंकी, मुकेश यादव, रवि वर्मा, राजेंद्र भारती, महेंद्र सिंह यादव, राममोहन बघेल, संजय नगाइच, रेखा यादव, डॉ. निवेदिता शर्मा, साधना स्थापक, समीक्षा गुप्ता सोनम निनामा, अर्चना गुप्ता, मोनिका वट्टी और सीमा सिंह के नामों पर विचार किया है। इन नामों का रिकार्ड जांचा जा रहा है। बाकी के निगम मंडल, विकास प्राधिकरण और आयोगों पर चर्चाएं चल रही हैं।

ये भी पढ़ें

भोपाल में लगी भीषण आग, खाक हुआ GTS प्लांट, 4 फायर ब्रिगेड और कई टेंकर पहुंचे
Published on:
26 Apr 2026 10:43 am
Also Read
View All