भोपाल

Breaking: देश भर में शराबबंदी को लेकर सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला !

बंद कर दी जाएगी शराब की बिक्री...

3 min read
Mar 20, 2018
alcohol addiction

भोपाल। मध्यप्रदेश में शराब को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि सार्वजनिक स्थलों जैसे- मंदिर , स्कूल, अस्पताल, पार्क के आसपास कोई भी शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। जो शराब दुकानें अभी खुली हुई हैं, उन्हें बंद कराकर कहीं और शिफ्ट कराया जाएगा। आपको बता दें कुछ दिनों पहले शिवराज ने कहा था कि जल्द ही एमपी में शराब की बिक्री बंद कर दी जाएगी। आइए हम बताते हैँ शिवराज की घोषणा के क्या हैं मायने....

शिवराज ने ये की घोषणा

सीएम ने कहा कि अफसर ये न समझें कि शराब की दुकानें राजस्व के लिए चलाई जा रही हैं। सार्वजनिक स्थलों के पास जहां शराब की दुकानें हैं, उन्हें तत्काल हटा दिया जाए। विशेषतौर पर धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं दिखनी चाहिए। इन दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करो। यदि शिफ्ट नहीं कर सकते तो तत्काल बंद कर दो। सीएम ने ये बात समाधान ऑनलाइन मीटिंग में कही थी।

महिलाओं की इज्जत से बढ़कर कुछ नहीं

सीएम ने बैठक में ये भी कहा कि महिलाओं की इज्जत और जिन्दगी से बढ़कर कुछ नहीं है। सरकार जनता की है, शराब बेचने वालों की नहीं। मैं यह नहीं सुनना चाहता कि ठेकेदार ने ठेका चलाए जाने के लिए मोटी रकम जमा कर दी है, उसने जो राशि जमा की है, वापस करो। किसी के दबाव में कोई दुकान सार्वजनिक स्थल के पास नहीं चलना चाहिए।

अफसरों को भी लताड़ा

मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले वाणिज्यिक कर विभाग के पीएस मनोज श्रीवास्तव से चर्चा की थी। सीएम ने उनसे पूछा कि आखिर शराब कि दुकानें बंद किए जाने को लेकर हो रहे प्रदर्शन कब तक बंद होंगे। यह कब तक चलेगा? श्रीवास्तव ने कहा कि हम किसे विरोध समझें। इसकी क्या डेडलाइन है, क्या बता सकते हैं कि कब तक चलेगा। सीएम ने श्रीवास्तव को उस समय तो कुछ नहीं कहा, लेकिन थोड़ी देर बाद ही सीएम ने समाधान ऑनलाइन में कहा कि अफसर ये न समझें कि शराब की दुकानें राजस्व आय के लिए चलाई जा रही है।

क्या यहां बैठे सभी अफसर एमपी के हैं?

समाधान ऑनलाइन के दौरान पीएचक्यू की कार्यप्रणाली पर सीएम खासे नाराज हुए। भोपाल के उमाशंकर रघुनंदन मिश्रा के सिक्योरिटी सर्विसेज लायसेंस आवेदन किया था। इसे इसलिए निरस्त कर दिया गया क्योंकि वे महाराष्ट के निवासी हैं। सीएम ने सवाल किया कि क्या नियम में ऐसा है कि सिर्फ मध्यप्रदेश के लोगों को ही व्यवासय करने का अधिकार है। इस पर पुलिस अफसर ने जबाव दिया कि मध्यप्रदेश के लोगों को मौका मिले इसलिए बाहरी राज्य का प्रकरण निरस्त किया गया। सीएम ने मौके पर मौजूद अफसरों की ओर मुखाबित होते हुए कहा कि क्या ये सभी मध्यप्रदेश के हैं। इस पर गृह विभाग के एसीएस केके सिंह बोले, शासन स्तर पर इस प्रकरण को देख लिया जाएगा। सीएम ने सवाल किया कि क्या आवेदन आपके चेम्बर तक पहुंच पाएगा। एसीएस बोले सर प्रकरण का निराकरण हो जाएगा।

Published on:
20 Mar 2018 03:18 pm
Also Read
View All