भोपाल

एमपी की हर पंचायत में किसानों के लिए बनेंगे मशीन बैंक, कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान की घोषणा

Shivraj Singh Chouhan - केंद्रीय कृषि मंत्री 'उन्नत कृषि महोत्सव' में बोले- प्रदेश के चार जिलों के लिए जारी देश का पहला समग्र कृषि रोडमैप

3 min read
Apr 13, 2026
Shivraj Singh Chouhan - फाइल फोटो - ANI

Shivraj Singh Chouhan- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के रायसेन सहित विदिशा, सीहोर और देवास जिले के लिए समग्र कृषि रोडमैप जारी किया। रायसेन में कृषि महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को मध्यप्रदेश और देश के हर जिले में कृषि क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए ये रोडमैप जारी किया गया। इस मौके पर चौहान ने कहा कि उन्नत कृषि महोत्सव का यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की कृषि व्यवस्था में सुधार लाने का एक गंभीर प्रयास है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के समन्वय से किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा, ताकि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हर पंचायत में मशीन बैंक बनाने का वादा किया। इससे किसानों को खासी राहत मिलेगी।

विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिले बनेंगे रोल मॉडल

ये भी पढ़ें

एमपी के 4 जिलों के किसानों को 2 लाख रुपए की खास योजना, शिवराजसिंह चौहान ने किया ऐलान

शिवराजसिंह चौहान ने कहा किए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कृषि की दिशा बदलने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आज विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए कृषि विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। आगे मध्यप्रदेश के सभी जिलों के लिए इसी प्रकार की योजना बनाई जाएगी। इन योजनाओं को जमीन पर लागू किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब जरूरत इस बात की है कि किसान अपनी मिट्टी, जलवायु, पानी की उपलब्धता और संसाधनों के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से खेती करें। केवल उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि सही फसल और टिकाऊ खेती पर ध्यान देना आवश्यक है।

चार जिलों की जलवायु, मिट्टी और तापमान को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए कृषि रोडमैप का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी बनाना, जल के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ाना है। इसके तहत ब्लॉक स्तर पर स्थान विशिष्ट कार्ययोजनाएं तैयार करने का प्रयास किया गया है, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार कृषि को विकसित किया जा सके।

चौहान ने कहा, उक्त चार जिलों में सिंचाई का बड़ा हिस्सा भूजल पर निर्भर है, जबकि कई क्षेत्रों में भू- जल स्तर गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य कमजोर होना और मूल्य संवर्धन की कमी भी प्रमुख चुनौतियां हैं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए गेहूं के अलावा अन्य फसलों की संभावनाओं पर भी विचार किया गया है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि टमाटर, प्याज, लहसुन, भिंडी, शिमला मिर्च जैसी सब्जियों के साथ ही यहां अनार जैसे फलों की अच्छी संभावनाएं हैं। इसके अलावा ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसी अधिक लाभ देने वाली फसलों को भी अपनाया जा सकता है। किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इस समस्या के समाधान के लिए मध्यप्रदेश में कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और कोल्ड चेन इंफ्रास्टक्चर विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की कृषि अवसंरचना योजनाओं का उपयोग किया जाएगा और राज्य सरकार के साथ मिलकर इसे लागू किया जाएगा।

हर ब्लॉक में बनेंगे बीज ग्राम

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि विभिन्न फसलों, फल और सब्जियों के साथ नई संभावनाओं वाली खेती जैसे ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो को भी रोडमैप में शामिल किया गया है। इन नई फसलों के बारे में किसानों को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी जाएगी और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हर ब्लॉक में कुछ गांवों को बीज ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन किया जा सके। आइसीएआर इस दिशा में पूरी मदद करेगा और ब्रीडर सीड उपलब्ध कराएगा।

हर पंचायत में मशीन बैंक, किसानों को मिलेगी राहत

केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने खेती में मशीनों की उपलब्धता को भी बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि हर किसान महंगी मशीनें खरीदने में सक्षम नहीं होता, जिससे समय पर खेती के कार्य प्रभावित होते हैं। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर के मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही। पंजाब का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पंचायतों द्वारा मशीन बैंक स्थापित किए हैं, जहां से किसान उचित किराए पर मशीनें ले सकते हैं। इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी पंचायत स्तर पर मशीन बैंक स्थापित किए जाएंगे।

जल्दी खराब होने वाली उपज के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इस समस्या के समाधान के लिए मध्यप्रदेश में कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और कोल्ड चेन इंफ्रास्टक्चर विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की कृषि अवसंरचना योजनाओं का उपयोग किया जाएगा और राज्य सरकार के साथ मिलकर इसे लागू किया जाएगा।

ये खास

बीज ग्राम: हर ब्लॉक के 10 गांव बनेंगे 'बीज ग्राम', उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से 20त्न तक बढ़ेगी पैदावार

मशीन बैंक: पंजाब की तर्ज पर पंचायतों में बनेंगे मशीन बैंक, हर ब्लॉक में 5 कस्टम हायरिंग सेंटर से छोटे किसानों को मिलेगी राहत।

फसल विविधीकरण: टमाटर, लहसुन और शिमला मिर्च के साथ अब मप्र की माटी में उगेंगे विदेशी फल, ड्रैगन फू्रट और क्लूबेरी बढ़ाएंगे किसानों की साख

इन्फ्रास्ट्रक्चर: जल्द खराब होने वाली उपज के लिए बिछेगा कोल्ड चेन और पैक हाउस का जाल; क्लीन प्लांट सेंटर से मिलेंगे रोगमुक्त पौधे।

ये भी पढ़ें

कर्मचारियों का वेतन नहीं बढ़ा रही मध्यप्रदेश सरकार, आदेश पर अमल नहीं होने से भड़का हाईकोर्ट
Updated on:
13 Apr 2026 10:43 am
Published on:
13 Apr 2026 10:42 am
Also Read
View All