
Sampada 2.0: संपदा 2.0 पोर्टल में घर बैठे रजिस्ट्री (online registry) को सुरक्षित करने बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। खासतौर पर वीडियो केवाईसी सॉल्यूशन को अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बनाने यूजर लाइवनेस प्रयास, नॉन इंटरएक्टिव वीडियो में डॉक्यूमेंट कैप्चर करने जैसे नियमों को बदला गया है, ताकि वास्तविक व्यक्ति ही पंजीयन में शामिल हो। इसके लिए बकायदा एक एजेंसी को हायर किया जा रहा है। अगले दो से तीन माह में नए बदलाव के साथ संपदा 2.0 में घर बैठे पंजीयन की सुविधा में बेहतर तरीके से नजर आएगी।
गौरतलब है कि पोर्टल (property Registry) से नागरिक घर बैठे ऑनलाइन भुगतान, ई-स्टांपिंग और संपत्तियों का पंजीकरण आसानी से कर सकते हैं। इस नए सिस्टम में लॉग-इन, डिजिलॉकर एकीकरण, दस्तावेज ड्राफ्टिंग, और वीडियो केवाईसी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
-यूजर लाइवेनेस के अधिकतम प्रयासों को तीन से घटाकर 2 कर दिया है।
- समय बचाने नॉन-इंटरैक्टिव वीडियो केवाईसी वर्क फ्लो से सीधे डॉक्यूमेंट कैप्चर (Sampada 2.0) करने के एक स्टेप को हटा दिया गया है।
- धोखाधड़ी रोकने के लिए सिस्टम यूजर की लाइव फोटो का मिलान, अपलोड किए गए दस्तावेज और डेटाबेस में मौजूद इमेज के साथ तीन अलग-अलग स्तरों पर करेगा।
-चेहरे से सिस्टम दिए गए आधार दस्तावेज और रिकॉर्ड में दर्ज आधार दस्तावेज (Sampada 2.0) का मिलान कर यूजर की पहचान सुनिश्चित कर लेगा।
-नए नियमों के तहत डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 और आधार नियमों का कड़ाई से पालन करने अब किसी भी यूजर के बायोमेट्रिक डेटा या चेहरे की पहचान से जुड़े डेटा का दुरुपयोग नहीं किया जा सकेगा।
- तकनीकी अपग्रेडेशन के बाद मध्य प्रदेश के नागरिकों को जमीनों और संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया बेहद सुरक्षित और उंगलियों पर उपलब्ध होगी।
संपदा 2.0 (Sampada 2.0) में वीडियो ई-केवायसी (e-KYC)को अधिक सुरक्षित और सरल बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स टीम तय की जा रही है।
-स्वप्रेश शर्मा, जिला पंजीयक