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ट्विशा केस: जेल पहुंचते गिरिबाला सिंह और समर्थ को मिले कैदी नंबर, रखी जा रही कड़ी नजर

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस में सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।

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TWISHA SHARMA

TWISHA SHARMA CASE (SOURCE-PATRIKA)

Giribala Singh: भोपाल के ट्विशा शर्मा केस में मंगलवार को ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। रिमांड खत्म होने पर सीबीआई ने दोनों को कोर्ट में पेश किया था, सीबीआई ने दोबारा कोर्ट से रिमांड की मांग नहीं की। जेल पहुंचते ही गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को कैदी नंबर आवंटित कर दिए गए हैं। गिरिबाला सिंह को महिला बैरक में तो वहीं समर्थ सिंह को अस्पताल बैरक में विशेष निगरानी में रखा गया है।

जेल पहुंचते ही मिले कैदी नंबर

ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में भेजी गईं आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल में कैदी नंबर 71 आवंटित किया गया है। वहीं आरोपी पति समर्थ सिंह को कैदी नंबर 1782 मिला है। सुरक्षा और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गिरिबाला सिंह को महिला बैरक में विशेष निगरानी के बीच रखा गया है। दूसरी ओर समर्थ सिंह को जेल के ब-खंड स्थित अस्पताल बैरक में निगरानी के साथ रखा गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को 16 जून तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए हैं।

कम नहीं हुई ठसक, गिरिबाला बोली- कार में बैठकर अंदर जाऊंगी

इससे पहले मंगलवार को जब गिरिबाला सिंह को पुलिसकर्मी जेल लेकर पहुंचे तो वहां पर भी गिरिबाला सिंह पूरी ठसक में नजर आईं। उन्होंने अपना रौब दिखाते हुए कहा- वो कार में बैठकर ही जेल के अंदर जाएंगी, सीबीआई वालों से बात कराओ। गिरिबाला अपनी कार से उतरने के लिए तैयार ही नहीं थीं। गिरिबाला ने अपना पुराना भी रूतबा दिखाया लेकिन जेल प्रशासन के सख्त रवैये के कारण उन्हें कार से उतरकर ही बेटे के साथ पैदल ही जेल के अंदर जाना पड़ा।

12 मई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत

नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा था।