भोपाल के अटल पथ पर मंगलवार को दोपहर को हुई किसान महाचौपाल में मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमेरिका के साथ ही केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार को भी जमकर लताड़ा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (mallikarjun kharge) किसान महाचौपाल में भाजपा सरकारों पर जमकर गुस्सा हुए। उन्होंने ट्रंप से लेकर मोदी सरकार और किसानों के मुद्दे पर मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर भी जमकर हमला बोला। इस मौेके पर मंच पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित अनेक कांग्रेस नेता मौजूद थे।
भोपाल के अटल पथ पर मंगलवार को दोपहर को हुई किसान महाचौपाल में मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमेरिका के साथ ही केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार को भी जमकर लताड़ा। खड़गे ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि किसानों, व्यापारी, लघु उद्योग और मजदूरों की आवाज बुलंद करने के लिए मैं आया हूं। यहां से उठने वाली आवाज पूरे देश में गूंजेगी।मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोगों से नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे भी लगवाए।
खड़गे ने कहा कि हम कठिन दौर से गुजर रहे हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लोकतंत्र और संविधान दोनों खतरे में है और हमारी मान-मर्यादा मिट्टी में डालने वाले मोदी साहब देश को बेच रहे हैं। देश को गुलामी की ओर ले जा रहे हैं। किसानों को मजदूर बना रहे हैं। मोदीजी पहले ट्रंप को अपना दोस्त मानते थे, ढोल पीटते थे। मोदीजी रोज उठकर चाय पर बात करते थे, क्या वे भारत को बेचने की बात करते थे, क्या किसानों को बेचने की बात करते थे। मैंने इतना डरपोक पीएम कभी नहीं देखा।
खड़गे ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने भी कहा था कि पीएम मोदीजी कभी आंख से आंख नहीं मिला सकते। खड़गे ने कहा कि वे अपनी मन की बात रविवार को कहते हैं, लेकिन मंडे को आकर सदन में बोलो ना। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देशभक्ति तो सिर्फ कांग्रेस में है। यूथ कांग्रेस में है। भक्ति है। लेकिन, मोदीजी खुद अपनी पीठ थपथपा लेते हैं कि मैं देशभक्त हूं।
खड़गे ने कहा कि मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली जाने के बाद जो मोदी गलतियां कर रहे हैं, उनके लिए आपके मुंह से बात क्यों नहीं निकलती है। खड़गे ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम लेकर कहा कि आप किसानों के लिए लड़ें। आपको तो एमपी से भगाकर दिल्ली ले गए।
खड़गे ने कहा कि ट्रंप ने भारत पर भारीभरकम टेरिफ लगाया। ट्रंप ने तो वहां की सुप्रीम कोर्ट का भी कहना नहीं माना। मोहम्मद तुलक जैसा व्यवहार ट्रंप कर रहे हैं, हिटलर की तरह हमारे देश में मोदी व्यवहार कर रहे हैं। देश हित को गिरवी रखकर कोई व्यापार समझौता हमें मंजूर नहीं है। ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ मंजूर नहीं है। भारत स्वाभिमान से जीना चाहता है। मोदी और ट्रंप एक दूसरे को सरेंडर कर लेते हैं, यह उनकी इच्छा है। नरेगा कानून को भी वापस लेना पड़ेगा। जिस प्रकार किसानों के काले कानून को वापस लेना पड़ेगा। जो कानून यह लोग लेकर आए हैं, वो किसानों को नुकसान पहुंचाएगा।
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हिन्दुस्तान के इतिहास में पहली बार यह हुआ कि लीडर आफ अपोजिशन को बोलने नहीं दिया गया। मैंने स्पीच शुरू की, मुझे रोका गया।
राहुल गांधी ने कहा कि भाषण में क्या छिपा है, मैं नरवानेजी की बात कर रहा था। बैकग्राउंड में एक चीज चल रही थी। चार महिने के लिए हिन्दुस्तान और अमेरिका का जो समझौता है, वो रुका हुआ था। क्यों रुका था, कृषि के मामले पर रुका था। हिन्दुस्तान की सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी बड़ी कंपनियां सोया, कपास, भुट्टा हिन्दुस्तान में बेच पाएं, दाल हिन्दुस्तान में बेच पाएं। चार माह चर्चा बंद बड़ी थी। मैंने भाषण किया, भाषण में मैं सिर्फ नरवानेजी की बात नहीं करने वालाथा, मैं दो तीन चीजें कहना चाहता था, मेरा भाषण खत्म होते ही प्रधानमंत्री लोकसभा से ले गए।
राहुल ने कहा कि पीएम मोदी भागकर चले गए। ट्रंप को फोन लगाया। शिवराजजी से पूछिए, वे कृषि मंत्री हैं। चार माह कुछ नहीं हिला। हिन्दुस्तान के किसानों को बेच दिया। गारमेंट इंड्रस्ट्री को बेच दिया। राहुल ने कहा कि दो कारण है। लाखों फाइल एपस्टिन की फाइल बंद पड़ी हैं। 30 लाख फाइल, उसमें इमेल, मैसेजेस हैं, वीडियो है। वो रीलिज नहीं हुई है, वो बंद पड़ी है।