भोपाल

सीएम के मैसेज की भी मंत्रियों ने की नाफरमानी, भोपाल में ही डटे रहे पर आगे नहीं बढ़ाई फाइलें

CM Mohan Yadav- आधी रात तक दौड़ती रहीं तबादले की फाइलें, सीएमओ के दबाव पर अंतिम दिन भेजीं मंत्रियों को थोकबंद सूचियां, सीएम के विभागों में 100 प्रतिशत ट्रांसफर, 50 प्रतिशत सूची बाहर नहीं आईं, तिथि बढ़ाने पर विचार

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Jun 16, 2026
cm mohan yadav
cm mohan yadav फाइल फोटो, source- facebook page cm mohan yadav)

MP Transfer- एमपी में तबादलों के मामले में प्रदेश के मंत्रियों ने सरासर लापरवाही ​की। सीएम मोहन यादव CM Mohan Yadav के स्पष्ट संदेश के बाद भी कई विभागों ने आवेदन के लिए प्लेटफार्म विकसित करने में खासा विलंब किया। मंत्री कई दिनों तक भोपाल में ही डटे रहे पर फाइलें आगे नहीं बढ़ाईं। शासकीय सेवकों के तबादलों की सोमवार को अंतिम तारीख निकल गई। उसके पहले मंत्रालय में आधी रात तक तबादलों की फाइलें दौड़ती रहीं। ज्यादातर विभागों में अफसर फाइलें निपटाते रहे। रात 11.35 बजे के आसपास वन, खनिज और पंचायत विकास, एमएसएमई जैसे कई विभाग के आदेश जारी होते रहे। जब मुख्यमंत्री कार्यालय से सख्त आदेश मिले कि तबादले 15 जून तक ही करने हैं तो कई अधिकारियों ने आधी- अधूरी सूची बनाकर अंतिम दिन शाम को 5 बजे के बाद कई मंत्रियों को प्रेषित कर दी। कुछ मंत्री इससे नाराज हुए कि उन्हें ऐन वक्त पर सूची दी गई, वे इसका कैसे परीक्षण करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, इस भागा-दौड़ी में ज्यादातर वाजिब कर्मचारियों के तबादले छूट गए। हालांकि सीएम के पास जो विभाग है, उनमें आने वाले आवेदनों का 100 प्रतिशत निपटारा कर दिया गया।

तबादलों पर अंतिम दिनों में तेजी दिखाई फिर भी 50 फीसद सूचियां बाहर नहीं आई। ऐसा अधूरी तैयारियों के कारण हुआ। तबादले का आवेदन लेने के लिए तय प्लेटफार्म नहीं बनाए, उसके पहले मंत्री खुद को राज्यसभा चुनाव में व्यस्त बताते रहे। जो आवेदन आए उनको ऑनलाइन प्रक्रिया में नहीं लिया गया। कई स्तर पर सूचियां बनती और बिगड़ती गई।

कैबिनेट में तिथि बढ़ाने पर हो सकती है चर्चा

विभागों में तबादलों को लेकर तमाम स्थितियां सोमवार देर रात तक सीएम के सामने पेश की जा चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को कैबिनेट बैठक में सीएम तबादलों की तारीख बढ़ाने पर दोबारा विचार कर सकते हैं। हालांकि पिछली बैठक में एक वरिष्ठ मंत्री के तारीख बढ़ाने के अनुरोध पर सीएम ने साफ इनकार कर दिया था। कई मंत्री आवेदनों पर विचार नहीं कर सके, इसलिए तिथि बढ़ाने का अनुरोध करेंगे।

नाराज मंत्रियों ने आगे नहीं बढ़ाई फाइलें

सूत्रों के मुताबिक अफसरों द्वारा आखिरी दिन सूची देने से नाराज कुछ मंत्रियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के मैसेज के बावजूद तबादले का काम पूरा नहीं किया। ऐसे एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि उनके परिवार में बनी अप्रिय स्थिति के कारण उन्हें बाहर आना पड़ा। जिसके कारण उनके विभाग से कोई आदेश जारी नहीं होंगे। तबादलों से जुड़ा जो भी काम होगा, वे बाद में ही करेंगे। ऐसी कई समस्याएं सामने आ रही हैं।

ये कारण, जिनके लिए शासकीय सेवकों के लगे चक्कर

प्रदेश में 1 जून से तबादले और राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू हुई। नामांकन दाखिले के चलते मंत्री- विधायक 5 जून से ही भोपाल में थे। भाजपा ने 8 जून को तीनों सीटों पर प्रत्याशी उतारे। मंत्री भोपाल में डटे रहे और आवेदक जिलों में चक्कर काटते रहे। इस बीच दो बार भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें भी मंत्री, विधायक शामिल हुए।

इसके अलावा 2 व 9 जून को दो कैबिनेट बैठक हुई, इसके लिए मंत्री दो-दो दिन भोपाल में रुके।

सीएम और मुख्य सचिव की लाख कोशिशों के बावजूद कई विभागों ने आवेदन के लिए प्लेटफार्म ही विकसित नहीं किए। कुछ ने किए तो उसमें भी देरी कर दी।

Published on:
16 Jun 2026 07:37 am