
भोपाल। विधानसभा के मानूसन सत्र में हर दिन विधायक औसतन 300 सवाल पूछेंगे। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इस चार दिनी सत्र के लिए कुल 1184 सवाल विधानसभा सचिवालय को मिले हैं। इनके जवाब तैयार करने के लिए विधानसभा सचिवालय ने संबंधित विभागों को सवाल भेज दिए हैं। विधायकों को ज्यादातर सवालों के लिखित जवाब दिए जांएगे। प्रश्नकाल में सिर्फ 25 सवालों पर ही चर्चा होगी।
इस मानसून सत्र में कोरोकाल के दौरान सरकारी विफलता, लोगों की असमय मौत, ऑक्सीजन की कमी और दवाईयों, इंजेक्शनों का टोटा से जुड़े सवाल भी विधायकों ने बड़ी संख्या में पूछे हैं। वहीं सरकार पहले ही इंकार कर चुकी है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। सरकार इंजेक्शन और दवाओं का टोटा होने से भी इंकार करती रही है। ऐसे में यह सत्र हंगामा खेज होने के आसार है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सदन में सरकार की घेराबंदी की पूरी तैयारी की है। इसके अलावा किसान कर्ज माफी, किसान आत्महत्या, बिगड़ती कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, अवैध उत्खनन सहित अन्य मामलों से जुड़े मामलों पर भी शामिल हैं।
लिखित सवालों का समय बीता -
विधायकों को लिखित सवाल पूछने का समय अब बीत चुका है। इसके लिए विधानसभा सचिवालय ने 16 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी। विधानसभा सचिवालय ने प्राप्त सभी सवालों के लिखित जवाब के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया है। इसके लिए विभागवार तिथि निर्धारित की है। विभागों को कहा गया है कि निर्धारित तिथि तक सवालों के जवाब भेज दिए जाएं। जो विभाग समय पर उत्तर नहीं देंगे, उसमें यह लिख जाएगा कि विभाग ने उत्तर नहीं दिया। यानी संबंधित की जिम्मेदारी भी तय होगी।
प्रमुख विभागों के सवाल -
गृह - 78
कषि - 45
पंचायत एवं ग्रामीण विकास - 62
स्वास्थ्य - 93
पीएचई - 39
ऊर्जा - 50
वन - 32
उच्च शिक्षा - 31
नगरीय विकास एवं आवास - 139
सामाजिक न्याय - 6
पशुपालन - 7