
वल्लभ भवन भोपाल :Mantralaya, Vallabh Bhavan, Bhopal- photo source : विकिपीडिया
MP ACS News : एमपी के प्रशासनिक गलियारों में शनिवार सुबह से ही हलचल मची है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को जो थोकबंद तबादले किए उसकी ही चर्चा चल रही है। कई वरिष्ठ अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है जिससे प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हो गया है। अनेक विभागों में आज का दिन वर्तमान अफसर की विदाई और नवागत के स्वागत की कवायद में ही बीतेगा। इस बीच प्रदेश में कुछ बड़े पदों पर नियुक्तियों की भी चर्चा है। बताया जा रहा है, अगस्त के अंत तक एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होनी है। इसमें उज्जैन में नियुक्ति के लिए कई अफसर कोशिश कर रहे हैं। स्वास्थ्य या पीडब्ल्यूडी का जिम्मा एसीएस अफसर को दिया जा सकता है।
सरकार ने शुक्रवार को जिन 32 आइएएस का तबादला किया उनमें से बड़वानी जिपं सीईओ काजल जवाला को कलेक्टर के फीडबैक पर हटाया गया। अब वे राज्य शिक्षा केंद्र में अपर मिशन संचालक होंगी। वे 29 महीने से सीईओ थीं। सीएम कार्यालय के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि जवाला को लेकर 3 अलग-अलग कलेक्टरों ने जो फीडबैक दिए वे गंभीर संकेत देने वाले थे।
बालाघाट जिपं सीईओ अभिषेक सराफ को भी कुछ जनप्रतिनिधियों से अनबन के बाद हटाकर नगरीय प्रशासन अपर आयुक्त बनाया गया है। वे करीब दो साल ही टिक पाए। वहीं सौम्या आनंद से 10 माह में ही श्योपुर जिपं सीईओ की कमान ले ली। दूसरी ओर आइएएस जगदीश कुमार गोमे को सिंगरौली के बाद अब सागर जिपं सीईओ की कमान सौंपी गई है।
2019 बैच के आइएएस डॉ. नागार्जुन भी कई आरोपों का सामना कर चुके हैं। वे हरदा में रहते हुए एक मामले में जुर्माने की बड़ी राशि को माफ करने और खंडवा में जल संरक्षण से जुड़े कामों को कागजों पर बताने के मामले घिर गए थे।
ताजा तबादलों पर भोपाल के प्रशासनिक गलियारों में दो दिन से खूब चर्चा हो रही है। इसके साथ ही जल्द ही एक और फेरबदल की अटकलें हैं। सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल इसी माह के अंत में हो सकता है। उज्जैन को नया मेला अधिकारी मिलने की संभावना है। इस अहम पद के लिए कई अधिकारी जतन कर रहे हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य या पीडब्ल्यूडी में से किसी एक का जिम्मा एसीएस स्तर के अफसर को दिया जा सकता है।
Updated on:
22 Aug 2026 11:18 am
Published on:
22 Aug 2026 11:18 am
