
DSP नेहा पचीसिया - image- neha pachisia x
Neha Pachisia : हत्या आरोपियों को राहत दिलाने करोड़ों की जमीन के सौदे में कटनी सीएसपी नेहा पचीसिया पर FIR दर्ज की गई है। जांच में आरोप सही पाए जाने के लिए पुलिस ने उनपर केस दर्ज किया। FIR दर्ज होने के साथ ही सीएसपी नेहा पचीसिया पर पुलिस विभाग की कार्रवाई तय है। उन्हें अभी निलंबित भी किया जा सकता है। चालान प्रस्तुत होने के बाद नेहा पचीसिया पर कोर्ट में मुकदमा चलेगा। अब उनकी नौकरी कोर्ट के फैसले पर ही निर्भर है। नेहा पचीसिया साधारण टीचर की बेटी थीं लेकिन करोड़ों के लालच ने उनका करियर बिगाड़ दिया।
हत्या के आरोप में जेल में बंद आकाश लोधी ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की थी। उसने कटनी सीएसपी नेहा पचीसिया पर आरोप लगाया कि हत्या के केस में फंसाकर बयान बदलने व राहत देने के नाम 75 लाख रुपए की डिमांड की। मामले की जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर कटनी सीएसपी सहित 3 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया।
नेहा पच्चीसिया को मध्यप्रदेश पुलिस की तेजतर्रार अधिकारियों में माना जाता है। वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं। नेहा पच्चीसिया के पिता साधारण शिक्षक हैं। राजगढ़ जिले की पचोर तहसील के एक छोटे से गांव की रहनेवाली नेहा पच्चीसिया ने स्कूली और महाविद्यालय की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राइवेट नौकरी की। बाद में वे पुलिस अधिकारी बन गई।
मध्यप्रदेश में किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उसपर विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई की जाती है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 और शासकीय सेवा आचरण नियमों के तहत उसे निलंबित भी किया जा सकता है। आरोपी अधिकारी, कर्मचारी की गिरफ्तारी की स्थिति में तो स्वत: निलंबन हो जाता है।
भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी या नैतिक पतन जैसे गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज होने या जांच विचाराधीन होने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा आरोपी अधिकारी को तुरंत निलंबित किया जा सकता है। आपराधिक मामले में आरोपी अधिकारी यनि 48 घंटे से ज्यादा समय के लिए पुलिस हिरासत में रखा जाता है तो उसे स्वतः निलंबित माना जाता है। इस दौरान आरोपी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाता है।
FIR दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग अपने स्तर पर विभागीय जांच शुरू कर सकता है। आरोपी अधिकारी, कर्मचारी को आरोप-पत्र भी जारी कर सकता है। इधर पुलिस, आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करती है। कोर्ट में दोषी पाए जाने पर अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाती है। कोर्ट में आरोपी यदि निर्दोष साबित होता है तो निलंबन काल को कर्तव्य पर मानते हुए अधिकारी को बहाल कर दिया जाता है। उसका बकाया वेतन भी दिया जाता है।
कटनी सीएसपी नेहा पचीसिया पर FIR दर्ज हो चुकी है इसलिए कार्रवाई तय है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें निलंबित किया जा सकता है। निलंबित होने की स्थिति में नेहा पचीसिया का मुख्यालय तय किया जाएगा। वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी।
नेहा पचीसिया को निलंबित करने की बताए किसी अन्य जगह स्थानांतरित भी किया जा सकता है। विभाग की कठोर कार्रवाइयों से बचने के लिए उनके पास कोर्ट में जाने का विकल्प है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अग्रिम जमानत ले सकते हैं।
Updated on:
21 Aug 2026 12:46 pm
Published on:
21 Aug 2026 12:01 pm
