
भोपाल। प्रदेश में रेत उत्खनन के ठेके लेने के लिए सबसे ज्यादा रुचि अशोक नगर और रीवा जिले में कंपनियों ने दिखाई है। यहां क्रमश: 18 और 17 आन लाइन निविदाएं आई हैं। पूरे प्रदेश के 43 जिलों के समूहों के लिए पहले चरण में कुल 247 आन लाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऑन लाइन आवेदन की प्रक्रिया पांच अक्टूबर से शुरू की गई थी, जो मंगलवार को समाप्त हो गई है।
खनिज विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि प्रदेश में पांच जिले ऐसे है जहां केवल एक या शून्य आवेदन मिले हैं। एक-एक आवेदन प्राप्त होने वाले जिलों में उज्जैन, गुना, शहडोल और एक भी आवेदन प्राप्त ना होने वाले जिलोंं में शाजापुर और आगर मालवा शामिल है। मंडलोई ने बताया कि इन जिलों में दोबारा निविदा आमंत्रित की जाएगी। रेत की सबसे बड़े क्लस्टर होशंगाबाद जिले में कुल चार ठेकेदारों ने अपनी रूचि दिखाई है।
निविदा प्रक्रिया से ही खनिज निगम को सुरक्षा निधि के रुप में 614 करोड़ रूपए की राशि मिली है। प्रत्येक समूह के लिए आरक्षित मूल्य की 25 फीसदी राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा कराने का प्रावधान है। सरकार ने रेत के लिए हर जिले का आरक्षित मूल्य तय किया है, जो कि पूरे प्रदेश में लगभग 500 करोड़ होता है।
सात दिसम्बर को खुलेंगे टेंडर
रेत ठेकों के अगले चरण में 27 नवम्बर से संभागबार तकनीकी प्रस्तावों को परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 7 दिसम्बर को टेंडर खोले जाएंगे। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले आवेदक को रेत का ठेका दिया जाएगा। खनिज विभाग का प्रयास है कि 15 दिसम्बर के पहले ठेके की प्रक्रिया पूरी कर दी जाए।
भोपाल में आए 11 आवेदन
भोपाल जिले में रेत उत्खनन के लिए 11 निविदाएं आई हैं। जबकि इससे लगे हुए जिला सीहोर में 6, रायसेन में 5 विदिशा में 14, होशंगाबाद में 4 हरदा में रेत उत्खनन के लिए 6 निविदाएं आई हैं। इसके अलावा डिंडोरी, सिवनी, शिवपुरी जिले में रेत खदानों के लिए 10 से अधिक निविदाएं आई हैं।