
Bhopal news: टिकाऊ सड़कें आज की अहम जरूरत बन गई हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हर बारिश के बाद सड़कें उखड़ रही हैं, लोग बीमार पड़ रहे हैं। वाहनों में खराबी आ रही है। यही नहीं, खराब सड़कों से उड़ने वाली धूल के कारण वातावरण प्रदूषित हो रहा है। सरकार इस झंझट से निजात पाने के लिए अब सीएसआइआर-एम्प्री के साथ मिलकर और अधिक टिकाऊ सड़कें बनाने की दिशा में बढ़ रही है। जल्द ही एमओयू किया जाएगा।
बीते दिन पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह सीएसआइआर-एम्प्री के भोपाल स्थित परिसर पहुंचे और उन्होंने नवीन तकनीक का अवलोकन किया है। उनका दावा है कि सीमेंट विहीन सीएसआइआर-एम्प्री के साथ जल्द कंक्रीट की सड़कों के लिए ही एमओयू किया जाएगा। मंत्री के साथ प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबि चक्रवर्ती शामिल रहे।
भ्रमण के दौरान जिओपॉलीमर कंक्रीट की तकनीक को विशेष रूप से समझ गया। जिओपॉलीमर कंक्रीट से निर्मित सड़क में सामान्य कंक्रीट की तरह पानी से तराई की जरूरत नहीं होती। इस तरह पानी की बचत होती है। साथ ही कम मोटाई में भी एम-40 के अनुरूप स्ट्रेंथ हासिल की जा सकती है। इस तकनीक का एम्स भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उपयोग हो चुका है।
मंत्री ने फ्लाई ऐश, रेड मड सहित औद्योगिक एवं कृषि अपशिष्टों से तैयार सड़क निर्माण सामग्री, पेवर ब्लॉक, कर्ब स्टोन और ड्रेनेज ब्लॉक जैसे प्री-कास्ट कंपोनेंट्स का भी अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया, सीएसआइआर-एमप्री द्वारा लगभग 16 वर्ष पूर्व लगाए गए पेवर ब्लॉक्स आज भी मजबूत स्थिति में हैं और उन पर काई भी नहीं लगी है। इससे इन सामग्रियों की दीर्घकालिक मजबूती एवं टिकाऊपन का पता चलता है।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मप्र में सड़क नेटवर्क पहले से मजबूत हुआ है। आगे भी तेजी से काम जारी है। यह सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व एवं दूरदृष्टि सोच का नतीजा है। नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, फोरलेन और रिंग रोड के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरों को देश के बड़े आर्थिक, औद्योगिक और धार्मिक केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। भविष्य में बेहतर आवागमन के साथ व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से मजबूत, टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और गुणवत्तापूर्ण के लिए सीएसआइआर-एम्ग्री को तकनीकी पार्टनर बनाएंगे। आगामी इंजीनियर-डे के अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एमओयू करेंगे।