MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने 5 जिले जोड़े, सबसे ज्यादा जमीन राजगढ़ से अब ये खूबसूरत पिकनिक स्पॉट भी हुआ शामिल, जिले का विकास होगा तेज
MP News: जिला मुख्यालय समेत पूरे राजगढ़ जिले को मेट्रोपॉलिटन रीजन से जोडऩे की कवायद तेज हो गई है। इस पहल के साकार होने पर जिले में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। शुरुआती चरण में औद्योगिक हब बनाने के लिए सरकारी जमीनें चिह्नित करना शुरू कर दिया गया है।
दरअसल, भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने के लिए राजगढ़, रायसेन, सीहोर, विदिशा जिलों को शामिल किया गया है। तेजी से बढ़ते भोपाल में कम होते वन की सीमा को बढ़ाने विशेष तौर पर राजगढ़ का चिड़ीखो जोड़ा जा रहा है। इसीलिए इसे मेट्रोपॉलिटन का अहम हिस्सा बनाएंगे। इससे 30 फीसदी वन क्षेत्र प्रदर्शित करने में आसानी होगी।
वहीं, मेट्रोपॉलिटन रीजन से जुडऩे का अर्थ है कि राजगढ़ को बड़े शहरों के समेकित विकास क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। इससे सड़क, परिवहन, आवास, जल-निकासी और शहरी सुविधाओं की योजनाएं एकीकृत रूप से तैयार होंगी। खासतौर पर बड़े शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होने से आवागमन सुगम होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रक्रिया से जिले में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। नए औद्योगिक क्षेत्र, वेयरहाउस और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हो सकती हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही जमीन और संपत्ति के दामों में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
मेट्रोपॉलिटन की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। जिसके तहत राजगढ़ जिले के ब्यावरा सहित अन्य कस्बों को औद्योगिक हब बनाया जाएगा। इसके लिए ब्यावरा डिविजन के गुना रोड स्थित आलमपुरा, और जगन्यापुरा में उद्योग के लिए 100 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। जिले की अन्य जगह भी एमपीआईडीसी के माध्यम से चिह्नित की जा रही हैं। सरकारी जमीनों के करीब 80 खसरे फाइनल किए गए हैं। इसी से यह शुरुआत फिलहाल की जा रही है।
मेट्रोपॉलिटन रीजन वह क्षेत्र होता है, जिसमें एक बड़ा शहर और उसके आसपास के जिले शामिल होते हैं। यहां विकास, परिवहन, उद्योग, आवास और बुनियादी सुविधाओं की योजना एक साथ बनाई जाती है। इससे विकास के नए रास्ते खुलते हैं, संभावनाएं बढ़ती हैं।