
MP Government Housing Scheme: प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में 50-50 हजार आवास बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में इनसे छोटी श्रेणी के शहरों में पांच हजार से लेकर 10 हजार आवास बनाए जाएंगे। ये पीएम आवास योजना के मकान नहीं होंगे। न ही इन्हें हासिल करने किसी योजना में पात्र होने की जरूरत होगी, बल्कि कोई भी आवासहीन परिवार तय शर्तों के अनुसार खरीद सकेगा।
आवंटन लॉटरी प्रक्रिया से होगा। प्रीमियम न्यूनतम 4 हजार से 10 हजार तक आएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने यह सुझाव गुरुवार को नगरीय विकास विभाग की बैठक में रखा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सीएस अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला भी सहमत हो गए हैं। जुलाई अंत तक कार्ययोजना बनाई जाएगी। स्थल चिह्नित होंगे। बारिश बाद निर्माण शुरू होगा।
किराये पर चढ़ाया तो आवंटन निरस्त: सीएम की मंशा है कि यह काम जनकल्याण की दृष्टि से किया जाए। पात्र परिवारों से केवल मकान व भूखंडों की लागत ली जाए। संबंधित एजेंसियां अतिरिक्त कमाई न करें। ऐसे प्रोजेक्ट में उन लोगों को भी मकान न मिले, जो बाद में किराये पर चढ़ा देते हैं। अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए सरकार नियमों में आवंटन निरस्त करने जैसे सख्त नियमों का प्रावधान करेगी।
भोपाल विकास प्राधिकरण के गौरीशंकर कौशल आवासीय परिसर बर्रई जैसे कुछ परिसरों में कई लोगों ने आवासहीन बनकर आवास ले लिए, अब किराये पर दे रहे हैं। कुछ तो दानपत्र लिख रहे हैं। इसससे जरूरतमंद लोग आवास से वंचित रह गए।