
ग्वालियर में संदिग्ध पनीर जब्त करते अधिकारी (फोटो सोर्स: Patrika)
MP News : त्योहारों के सीजन से ठीक पहले मध्य प्रदेश में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ रखा है। 20 जुलाई से 20 अगस्त 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान के दौरान प्रदेशभर से 5.61 करोड़ रुपए मूल्य की 1,17,367 किलोग्राम अमानक व संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की गई है। इसमें सबसे बड़ी मात्रा मावा, पनीर, घी और मिठाइयों की है, जिन्हें रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों पर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।
यानी यह 'जहरीले' खाद्य पदार्थ आपकी थाली और पेट में पहुंचने वाले थे। सरकार इसे रूटीन कार्रवाई बता रही है, लेकिन विशेषज्ञ इसे कहीं न कहीं महाराष्ट्र के तुकाराम मुंढे इफेक्ट से जोड़कर देख रहे हैं। हकीकत ये है कि, प्रदेश में त्योहार के पहले इस तरह की कार्रवाई पिछले कई सालों से हो रही है, लेकिन इस बार बड़े पैमाने पर हुई है।
मध्य प्रदेश ने 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक मिलावटखोरों पर 3.50 करोड़ का जुर्माना ठोका है। मिलावट खाद्य सामग्री खिलाने वाले 1 हजार मालिकों को कोर्ट में घसीटा है।
1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो मप्र विभाग ने 11,215 कानूनी नमूने लिए। जांच में 870 नमूने अमानक व असुरक्षित पाए गए और 922 प्रकरण दर्ज किए गए। कोर्ट के आदेशों के तहत मिलावटखोरों पर 3.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 1.39 करोड़ रुपए की वसूली हो चुकी है। साथ ही लाइसेंस और पंजीयन शुल्क से 9.23 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
प्रदेश में विभाग ने एक महीने के भीतर 2,605 कानूनी और 2,037 सर्विलांस नमूने लिए। इस दौरान 172 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 18 दुकानों के लाइसेंस/पंजीयन निलंबित किए गए और 7 दुकानों पर ताला जड़ दिया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन मप्र के प्रभारी नियंत्रक मनोज पुष्प के अनुसार, विभाग हर स्तर पर सत कार्रवाई कर रहा है। कई मामलों में मध्य प्रदेश ने अन्य राज्यों से आगे बढ़कर काम किया है। मिलावटखोरों को बक्शा नहीं जाएगा। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
-अमानक खाद्य सामग्री बनाने वाली मूल इकाइयों पर स्थायी तालाबंदी कब होगी?
-बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से सह्रश्वलाई होने वाला मिलावटी माल स्थानीय सीमाओं पर यों नहीं पकड़ा जाता?
-विभाग की सक्रियता त्योहारों के आसपास ही क्यों दिखती है?
-लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले बड़े सिंडिकेट पर रासुका जैसी कार्रवाई कब?
-अमानक खाद्य सामग्री बिक्री के मुख्य तंत्र को जड़ से खत्म करने की योजना क्या है?
-कानूनी नमूने: 2605
-सर्विलांस नमूने: 2037
-जब्ती मात्रा: 117367 किलो
-मूल्य: 5.61 करोड़
-लाइसेंस, पंजीयन निलंबित: 18 नोटिस: 172
-दुकानों पर ताला: 7
(20 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक)
-प्रतिष्ठानों की जांच: 31
-लाइसेंस निलंबित: 165
-कोर्ट में केस दर्ज: 502
-जब्त खाद्य पदार्थों का मूल्य: 56 करोड़
(विभिन्न रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे के ज्वाइन करने के बाद की बताई जा रही है।)
Updated on:
25 Aug 2026 07:01 am
Published on:
25 Aug 2026 07:01 am
