
भोपाल एम्स में आइवीएफ और फर्टिलिटी सेंटर का शुभारंभ (फोटो सोर्स: Patrika)
Bhopal News : लंबे समय से संतान प्राप्ति में परेशानी झेल रहे दंपतियों के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एम्स भोपाल में सोमवार से एक नई और अहम सुविधा शुरू की गई। संस्थान के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में 'आइवीएफ एवं फर्टिलिटी सेंटर' का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्देश्य महिला-पुरुष दोनों की प्रजनन संबंधी समस्याओं की जांच, परामर्श और आधुनिक इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है।
सेंटर में सामान्य डॉक्टरी सलाह से लेकर अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान (आइयूआइ), आइवीएफ और आइसीएसआई जैसी उन्नत तकनीकों का विकल्प मिलेगा। एम्स प्रशासन के अनुसार, केंद्र का मुख्य लक्ष्य मरीजों को सुरक्षित, वैज्ञानिक, नैतिक, किफायती और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
उद्घाटन कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) डॉ. नरेन्द्र कोटवाल ने किया। अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रो. डॉ. रजनीश जोशी, उप निदेशक (प्रशासन) संदेश जैन, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. विकास गुप्ता और अन्य उपस्थित थे।
आमतौर पर निजी फर्टिलिटी सेंटर्स में आइवीएफ प्रक्रिया पर 4 से 5 लाख तक का खर्च आता है। यह आम परिवारों की पहुंच से बाहर होता है। एम्स की प्रकाशित दरों के अनुसार आइवीएफ के लिए लगभग 60 हजार, आइवीएफ- आइसीएसआइ के लिए 65 हजार रुपए का शुल्क तय किया गया है। हालांकि जांच और दवाओं को मिलाकर कुल पैकेज की अंतिम पुष्टि बाकी है, फिर भी आम जनता के लिए किफायती साबित होगा।
-अंडाणु बनने, अंडोत्सर्जन की निगरानी अल्ट्रासाउंड व हार्मोनल जांच से होगी।
-शुक्राणुओं की संख्या, गुणवत्ता की जांच कर उपचार दिया जाएगा।
-सामान्य दवाओं से लाभ नहीं होने पर अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान की सुविधा होगी। जटिल मामलों में लैब में भ्रूण तैयार कर गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाएगा।
-एम्स भोपाल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के आईवीएफ एवं फर्टिलिटी सेंटर का सोमवार को शुभारंभ हुआ।
-केंद्र का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉक्टर नरेन्द्र कोतवाल (रि.) ने किया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रो. डॉक्टर रजनीश जोशी, उप निदेशक (प्रशासन) संदेश जैन और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉक्टर विकास गुप्ता समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और अधिकारी उपस्थित रहे।
-कार्यक्रम में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉक्टर के. पुष्पलता, आईवीएफ की नोडल अधिकारी डॉ. भारती सिंह, डॉ. अरुण डोरा और आईवीएफ परामर्शदाता डॉ. वैशाली गुरवानी भी उपस्थित रहीं।
-यहां महिला और पुरुष दोनों में संतान प्राप्ति से जुड़ी समस्याओं की जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध होगी।
-जरूरत के हिसाब से अंडोत्सर्जन की निगरानी, गर्भाशय में शुक्राणु पहुंचाने की प्रक्रिया, आईवीएफ, आईसीएसआई, भ्रूण संवर्धन, भ्रूण, अंडाणु और शुक्राणु का संरक्षण तथा संरक्षित भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
-केंद्र में मरीज की सुरक्षा, गोपनीयता, सहमति और जरूरत के अनुसार उपचार पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सुरक्षित, वैज्ञानिक, नैतिक, किफायती और मरीज-केंद्रित उपचार उपलब्ध कराना है।
Updated on:
25 Aug 2026 07:46 am
Published on:
25 Aug 2026 07:46 am
