हाईटेक तिजोरी की खासियत परिवार से रिश्तेदारों तक पहुंची और रिश्तेदारों से राजनीतिक गलियारों में फिर मीडिया के पास आप भी इसके हाईटेक सीक्रेट जानकर हैरान रह जाएंगे।
भोपाल। 'अपने ही गिराते हैं नशेमन पर बिजलियां' एक हिन्दी फिल्म के गीत की यह पंक्ति प्रदेश के एक मंत्री पर सटीक साबित हो रही हैं, दरअसल इन मंत्री जी को दीपावली पर एक ऐसा तोहफा मिला कि उनके परिवार वालों या कहें रिश्तेदारों को रास न आया और उन्होंने ही मंत्री जी को मिले इस तोहफे की पोल खोल दी। पोल भी ऐसी कि सीबीआई के कान खड़े हो जाएं। बात परिवार से रिश्तेदार और रिश्तेदारों तक पहुंचकर ही सीमित नहीं रही बल्कि राजनीतिक गलियारों में आ पहुंची और यहां से मीडिया के पास। राजनीतिक गलियारों में विधानसभा चुनाव 2023 से पहले मंत्री जी की तिजोरी सुर्खियों में आ गई है।
जी हां मध्यप्रदेश के एक मंत्री की पोल उनके ही परिवार वालों और रिश्तेदारों ने खोल दी। दरअसल मंत्री जी को एक ठेकेदार ने धनतेरस पर हाईटेक तोहफा दिया। यह तोहफा था एक भारी-भरकम हाईटेक तिजोरी। बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने यह तिजोरी विशेष ऑर्डर देकर बनवाई है। हुआ यह कि, धनतेरस के दिन ठेकेदार ने भारी भरकम हाईटेक की तिजोरी मंत्री जी के घर पर भेजी। घर पर मंत्री जी मौजूद नहीं थे। तो उनके भतीजे ने ठेकेदार की तरफ से भेजा गया बॉक्स रिसीव किया। फिर मंत्री जी के निर्देशानुसार बॉक्स को ऊपर वाले कमरे में भेज दिया गया।
घरवालों से नहीं हुआ सब्र तो खोल लिया गिफ्ट
अब इतना भारी-भरकम तोहफा पाकर घरवालों को मंत्री जी के लौट कर आने तक का सब्र नहीं हुआ। उन्होंने बॉक्स को खोल कर देख लिया। बॉक्स खुला तो उसमें से भारी-भरकम तिजोरी निकली।
ऐसे सामने आया तिजोरी का सीक्रेट
मंत्री जी द्वारा धनतेरस के दिन तिजोरी की पूजा करने से पहले यह जानकारी उनके रिश्तेदारों तक पहुंच चुकी थी। बताया गया है कि इस तिजोरी में एक ऐसा सेक्शन बना हुआ है जिसमें इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट छुपा कर रखे जा सकते हैं। यह इतना अधिक सिक्योर है कि सीबीआई भी इसका पता नहीं लगा सकती। डॉक्यूमेंट को केवल उसका पासवर्ड जानने वाला व्यक्ति ही बाहर निकाल सकता है। तिजोरी इतनी हाईटेक है कि यदि इस हिस्से को जबरदस्ती खोलने की कोशिश की गई तो इसमें रखें इम्पोर्टेड डॉक्यूमेंट खुद-ब-खुद नष्ट हो जाएंगे।
आपको बता दें, ये वही मंत्री हैं, जिनकी 'सरकार' से बिल्कुल भी पटरी नहीं बैठती। हाल ही में महाकौशल के जिले के नगर निगम कमिश्नर को उनके दबाव में ही हटाया गया था।