भोपाल

एमपी में फिर बदला नाम, सीएम ने की घोषणा; अब कहलाएगा ‘डॉ. वाकणकर’

MP News: मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने एक बार फिर से नाम बदला है। भीमबेटका और रातापानी टाइगर रिजर्व का नाम 'डॉ. विष्णु वाकणकर' के नाम से जाना जाएगा।
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Updated: 10 Jan 2026, 4:55 PM IST
cm-mohan yadav

MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने एक बार फिर से नाम बदलने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में आयोजित डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान समारोह और राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में ऐलान किया कि भीमबेटका और रातापानी टाइगर रिजर्व अब 'डॉ. विष्णु वाकणकर' के नाम से जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने नाम बदलने का ऐलान किया

सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि भोपाल से नागपुर जाते वक्त ट्रेन से इन चट्टानों को देखा और फिर अगले स्टेशन पर उतर गए और घने जंगल में घूमकर उन्होंने भीमबेटका को खोज। जिसके चित्रों के बारे में कहा जाता है कि वे लाखों साल पुराने हैं, इसलिए अब भीमबेटका को डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से जाना जाएगा. यह पूरा वन क्षेत्र भी उनके नाम से जाना जाएगा।

1957 में की थी गुफाओं की खोज

डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के काम पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल ने आगे बढ़ाया। उन्होंने वाकणकर के लंबे समय तक साथ काम किया। इसलिए सरकार ने उन्हें आज पुरस्कृत किया है। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने वर्ष 1957 में भीमबेटका की गुफाओं की खोज की थी। उस दौरान करीब 400 शैल चित्र पाए गए थे। जिसकी कार्बन डेटिंग कराई गई थी। जो कि करीब लाखों साल पुराने हैं।

डॉ वाकणकर ने उज्जैन के कायथा और महेश्वर के पास नावड़ातोड़ी के उत्खनन से यह सिद्ध किया कि हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की संस्कृति का विस्तार यहां तक था। वे विक्रम विवि से भी जुड़़े रहे।

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10 Jan 2026, 4:55 PM IST
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