MP News: मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के द्वारा एक इंटरव्यू दिया गया है। जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को दवाई खाने की सलाह दी है।
MP News: मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम और भाजपा की कद्दावर नेता उमा भारती ने हाल ही में एक बयान दिया है। जिससे वह सुर्खियों में आ गई हैं। उन्होंने एएनआई समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दवा खाने की सलाह दे डाली है। अब आइए जानते हैं कि क्यों उमा भारती ने दवा खाने की सलाह दी है...
पूर्व सीएम उमा भारती ने बिहार चुनाव और वोट चोरी पर कहा कि क्या राहुल गांधी को ना कुछ बातें याद दिलानी पड़ेगी? जब इमरजेंसी लगी। इमरजेंसी के बाद इंदिरा जी ने चुनाव कराए, क्योंकि उनको यह रिपोर्ट दी गई कि सब डर गए हैं। सब जेलों में बंद हैं। पब्लिक डरी हुई है। सारे इंस्टिट्यूशन को तो आपने ध्वस्त ही कर दिया है। चाहे वो जुडिशरी हो, चाहे वो मीडिया हो। आपको पता है मीडिया के लोगों को कितना कष्ट हुआ था जो इंडिपेंडेंट माइंड वाला मीडिया था। जी और सब कुछ आपके अधीन आ गया। सारे इंस्टिट्यूशन आपसे डरे हुए हैं। आपके इशारे पर नाच रहे हैं। जो नहीं नाच रहे वो या तो जेलों में या खत्म हो गए हैं। चुनाव करा दो। आपको तो वैसी जीत मिलेगी जैसे सिकंदर महान को मिली थी। और हुआ क्या? इंदिरा गांधी खुद ही चुनाव हार गई। जब वोटर तय कर लेता है ना तो फिर कोई चोरी कर ही नहीं सकता। फिर वह सबको पंच मारता है। सारे ध्वस्त होते हैं और जिसकी वजह होनी होती है उसी की वजह होने देता है। वो दूसरे को धूल खुद चढ़ा देता है।
उमा भारती ने कहा कि वोट लोकतंत्र में सारी शक्ति मतदाता के हाथ में होती है। तो राहुल को यह भूल जाता है कि चुनाव आयोग से चुनाव नहीं जीता जाता है। अपनी इमेज से अपनी ताकत से जो लोगों के हृदय पे हृदय जीतने की ताकत है उसे जीता जाता है। मैं राहुल को कहूंगी कि पहले लोगों का हृदय जीतना सीखो। तुम सेनाओं का अपमान करते हो। तुम शौर्य का अपमान करते हो। तुम 370 को वापस लाने की बात तुमने कश्मीर में जाकर के कर दी। तुम अयोध्या में निमंत्रण पर भी नहीं गए। तुम कह रहे हो कि वो भाजपा का इवेंट था। लेकिन अगर राहुल, प्रियंका और सोनिया वहां बैठ गए होते तो बताइए पूरे मीडिया के कैमरे इन्हीं के चेहरे पे होते कि नहीं होते? इनका इवेंट बन गया होता। तो राष्ट्रीय गौरव के सारी चीजों को तो तुम इग्नोर कर रहे हो।
आगे पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि चाहे वो सेना कशोरी हो या आस्थाओं के स्थान हो। और तुम चुनाव जीत नहीं पाते हो। तुम्हारी पार्टी खत्म होती जा रही है। तो सोचते बोलने के पहले सोचो तो अपनी मेमोरी पर नहीं तो थोड़ी होम्योपैथी की दवाई खाओ। मेमोरी को ठीक करने के लिए दवाइयां होम्योपैथी भी सबसे अच्छी होती है। आपका व्यंगात्मक तरीका जो है बोलने का, नहीं व्यंगात्मक नहीं है। सच्ची में होम्योपैथी में दवाई होती है।