मध्य प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है। वन मुख्यालय ने यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
भोपाल। महिला अभ्यर्थियों को पुलिस आरक्षक की तरह वन क्षेत्रपाल (रेंजर) की भर्ती में सीने की माप में छूट मिल सकती है। दरअसल छत्तीसगढ़ में रेंजर पद के भर्ती आवेदन में महिला अभ्यर्थियों के सीने की माप लेने की शर्त से उठे हंगामे के बाद मध्य प्रदेश सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है। इस संबंध में वन मुख्यालय ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब इसे राज्य शासन केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेज रहा है।
दरअसल मध्यप्रदेश में पुलिस की भर्ती में सीने की माप लेने का मापदंड खत्म कर दिया गया है। पिछले साल भर्ती हुए आरक्षकों को इस नियम से छूट मिली है, जबकि वन अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती पुराने मापदंड से की जा रही है।
पिछले महीने छत्तीसगढ़ में एसडीओ वन और रेंजरों के भर्ती के विज्ञापन में यह शर्त जुड़कर आने से हंगामा खड़ा हो गया था। जिसके बाद प्रदेश भर में इसका विरोध भी हुआ। इसे देखते हुए वन विभाग ने रेंजरों की भर्ती से इस शर्त को हटाने का प्रस्ताव तैयार किया है। शासन स्तर पर परीक्षण के बाद ये प्रस्ताव केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा जाएगा।
वन अफसरों का कहना है कि रेंजर और उससे ऊपर के पदों पर भर्ती मप्र लोक सेवा आयोग करता है। इसके नियम भी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तय करता है। इसलिए रेंजर की भर्ती से यह शर्त हटाने के लिए प्रस्ताव वहीं भेजा जाएगा।
यदि मंत्रालय इससे सहमत हुआ, तभी शर्त बदली जाएगी, वरना नहीं। क्योंकि राज्य स्तर पर शर्त बदलने से बड़ी विसंगति खड़ी होने की आशंका है। वैसी परिस्थिति में मंत्रालय प्रदेश के रेंजरों को मान्यता नहीं देगा। वन मुख्यालय के अफसरों का कहना है कि प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
अटक सकती है रेंजरों की भर्ती :
भर्ती नियमों से इस शर्त को हटाने के चक्कर में इस साल होने वाली सौ रेंजरों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। वन विभाग ने हाल ही में इन पदों पर भर्ती का प्रस्ताव प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) को भेजा है। ऐसी परिस्थिति में भर्ती नियमों में संशोधन करना पड़ सकता है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव वन, दीपक खांडेकर का कहना है कि हमने वन मुख्यालय से शर्त हटाने का प्रस्ताव मांगा है। जिसे परीक्षण के बाद केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यदि केंद्र सहमत हुआ तो शर्त हटा देंगे।