
मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और सरकार हरदा हादसे में घिरी हुई है। प्रमुख विपक्षी दल आक्रामक रूप से सरकार पर आरोप लगा रहा है। सरकार भी विपक्षी हमले के जवाब दे रही है। शुक्रवार को भी विधानसभा सत्र के तीसरे दिन हंगामे के आसार हैं।
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन भी सदन के बाहर और सदन भीतर हरदा ब्लास्ट की गूंज सुनाई दे रही है। लगातार दो दिनों से यह ताजा मुद्दा गर्माया हुआ है। पहले ही दिन राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान ही विपक्ष ने जमकर हंगामा कर दिया था। यही स्थिति दूसरे दिन भी रही। हरदा में हुए धमाके का शोर गुरुवार को विधानसभा में भी गूंजा था। विपक्ष के आग्रह पर राज्य सरकार ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराई। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया, सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। कलेक्टर-एसपी के तबादले कर खानापूर्ति कर रही है। उन्होंने दोषियों को जेल भेजने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने न्यायिक जांच कराने या ओपन कोर्ट में मामला भेजने की मांग की। सरकार नहीं मानी तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
इसके पहले विपक्ष के सवालों पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना का वीडियो देखकर लगा पोकरण जैसा धमाका हुआ, कैबिनेट रोककर मंत्री उदयप्रताप को भेजा। निष्पक्ष जांच के लिए अफसर हटाए हैं। एनजीटी के आदेश का परीक्षण करा रहे हैं। आदित्य सिंह को हरदा कलेक्टर और अभिनव चौकसे को एसपी बनाया है। 2014 बैच के आइएएस आदित्य पहली बार कलेक्टर बने हैं। 2018 बैच के आइपीएस चौकसे अभी राज्यपाल के परिसहाय हैं।
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क्या बोले विधानसभा स्पीकर
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आसंदी से कहा है कि पहली बार के विधायकों को प्रोत्साहित करने और सदन में अपनी बात कहने के लिए शून्यकाल में 20 मिनट का वक्त दिया जाएगा। तोमर ने कहा कि वे प्रतिदिन की कार्यवाही में प्रश्नकाल के बाद 20 मिनट का समय तय कर रहे हैं, जिसमें नियम 267 के तहत पहली बार के विधायक अपनी लिखित सूचना के जरिए से शून्यकाल में अपनी बात रख सकेंगे।
अनुपूरक पर चर्चा
गुरुवार को पेश किए गए 30,265 करोड़ के अनुपूक बजट पर चर्चा शुरू हो गई है। चर्चा के लिए तोमर ने दो घंटे का समय तय किया है। आज की कार्यसूची में शामिल सभी याचिकाओं और आवेदनों को पढ़ा माना गया।