मध्य प्रदेश की सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की दिशा में कदम उठाने जा रही है। इसके तहत शुरुआत में 226 सरकारी अस्पतालों में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (केंद्रीय स्वास्थ्य मानकों के अनुसार) को अपग्रेड किया जाएगा।
भोपाल। मध्य प्रदेश की सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की दिशा में कदम उठाने जा रही है। इसके तहत शुरुआत में 226 सरकारी अस्पतालों में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (केंद्रीय स्वास्थ्य मानकों के अनुसार) को अपग्रेड किया जाएगा। अपग्रेडेशन के इस महत्वपूर्ण मुद्दे के तहत अस्पतालों में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से 400 नए डाक्टरों की भर्ती की जाएगी। ताकि, हर प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर एक डॉक्टर हो सके और अस्पतालों में मरीजों को परेशान न होना पड़े। इस कार्यक्रम के तहत कुल 1100 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं।
पीएससी को भेजा है प्रस्ताव
अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने स्वास्थ्य विभाग ने 1500 डॉक्टरों की भर्ती करने का प्रस्ताव पीएससी को भेजा है। अब इस बारे में आज मंगलवार को आयोजित की जा रही कैबिनेट की बैठक में विचार किया जाएगा। अन्य प्रमुख बिंदुओं में प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज और उनसे संबंधित अस्पतालों में चिकित्सा और प्रबंधन की अलग-अलग शाखाएं बनाई जाएंगी। इनमें चिकित्सा शाखा में सिर्फ डॉक्टर होंगे जिनका काम मरीजों का इलाज करना होगा। यदि ऐसा हुआ तो मध्यप्रदेश जल्द ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं में भी जाना जाएगा।