भोपाल

रुक गई कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा यात्रा, यह थी वजह

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा यात्रा थम गई है। वे कांग्रेस से छह माह की छुट्टी लेकर यह यात्रा कर रहे..
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Oct 18, 2017
narmada parikrama yatra 2017
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भोपाल/सिवनी मालवा। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा यात्रा थम गई है। वे कांग्रेस से छह माह की छुट्टी लेकर यह यात्रा कर रहे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं अमृता सिंह की नर्मदा पदयात्रा नर्मदा तट बाबरी से डिमावर, कजली, चांदगढ़ कुटी, चंदपुरा होते हुए मंगलवार दोपहर 2 बजे भिलाडिय़ा घाट पहुंची। जहां दोपहर का विश्राम एवं भोजन के बाद यात्रा शुरू हुई जो मंगलवार शाम हरदा जिले की टिमरनी तहसील के ग्राम गोदागांव पहुंच गई। यहां रात्रि विश्राम के बाद नर्मदा परिक्रमावासी चिचोट कुटी के लिए रवाना होंगे।

अब 20 अक्टूबर को शुरू होगी यात्रा
यहां 18 एवं 19 अक्टूबर को यात्रा को विराम देकर सभी मिलजुलकर दीपावली मनाएंगे व 20 अक्टबूर को चिचोट कुटी से यात्रा दोबारा प्रारंभ होगी जो गोयद घाट पहुंचेगी जहां दोपहर का भोजन एवं विश्राम के बाद रात्रि विश्राम हंडिया घाट पर किया जाएगा।

यात्रा के दौरान ग्राम बाबरी की मोहनी यदुवंशी का स्कूल रिपोर्ट कार्ड देख अमृता सिंह ने खुशी जाहिर कि वहीं दिग्विजय सिंहह ने ट्रेक सूट व नगद राशि भेंट की। एसडीओपी अजय संगर ने बताया कि मोहनी बहुत ही होनहार छात्रा है। उसकी भविष्य की पढ़ाई का पूरा खर्च वे स्वंय वहन करेंगे।

दुर्गम रास्तों से तय हुआ सफर. मंगलवार सुबह बाबरी नर्मदा तट से शुरू हुई यात्रा दुर्गम रास्तों, खेतों नदियों से होते हुए दोपहर २ बजे भिलाडिय़ा घाट पहुंची। जहां सुरेश पचौरी भी यात्रा में शामिल हुए। टप्पा तहसील शिवपुर क्षेत्र के कांग्रेसी गणेशीलाल मंडलोई, बालकृष्ण धोकल, मनीष देवड़ा, देवेंद्र सिंह मंडलोई, प्रेमनारायण मित्तल, राजेश यादव द्वारा स्मृति चिंन्ह भेंट किया गया व ब्रजमोहन पटेल, महेंद्र ठाकुर, शंकर सिंह ठाकुर, लाल ङ्क्षसह राजपूत, दुर्गेश बैरागी ने स्वागत किया।


चर्चा में रही गुटबाजी
सिवनी मालवा विधानसभा में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा यात्रा के प्रवेश करते ही गुटबाजी की चर्चा पूरे समय होते रही। सभी गुटों के लिए अपने-अपने नर्मदा घाट निर्धारित कर लिए गए थे कि कौन किस घाट पर व्यवस्था करेगा और स्वागत करेगा। गुटबाजी इतनी उभर कर सामने आई कि एक गुट का कांग्रेसी दूसरे गुट द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में ही शामिल नहीं हुआ।

Published on:
18 Oct 2017 12:13 pm