भोपाल

MP में पढ़ाई महंगी! 5वीं कक्षा तक के कोर्स से NCERT बाहर, नर्सरी के बच्चों पर 10 किताबों का बोझ

MP News: नर्सरी से कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए 8 से 10 किताबें शामिल हैं, जिनमें से हर एक की कीमत 600 रुपये तक है। करिकुलम में NCERT शामिल नहीं है, और बच्चे महंगी किताबों से पढ़ाई करेंगे।

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Mar 04, 2026
NCERT books excluded from the curriculum up to 5th grade (फोटो- FREEPIK)

MP News: प्राइवेट स्कूलों में प्राइमरी कक्षा में महंगी किताओं से बच्चे शिक्षा ग्रहण करेंगे। इसकी वजह यह है कि स्कूलों ने कक्षा पांच तक के कोर्स से एनसीईआरटी की किताबों (NCERT Books) को बाहर ही कर दिया है। प्राइवेट पब्लिशर्स की एक किताब के दाम 600 रुपए तक है। स्कूलों से जारी सिलेबस लिस्ट में यह बात सामने आई। शिक्षा विभाग की निगरानी के बीच एनसीईआरटी किताबों के नियमों की स्कूलों ने अनदेखी की। राजधानी के चालीस हजार प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी और प्राइमरी कक्षा में है। दिलचस्प यह है कि नियमों की इस अनदेखी पर अफसरों ने चुप्पी साध ली है।

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एक अप्रेल से कक्षाएं हो जाएंगी शुरू

एक अप्रैल से कक्षाओं की शुरूआत होगी। प्राइवेट स्कूलों में प्राइमरी और नर्सरी कक्षाओं में दाखिलों की प्रक्रिया पूरी हो गई। किताबों और यूनिफार्म की खरीदी के लिए शहर के कुछ स्कूलों से ऑनलाइन सिलेबस जारी हुआ है। छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए आठ से दस किताबें हैं। इसमें कॉपियों की संख्या नहीं हैं। कक्षा छठी से बच्चे एनसीईआरटी की किताबों से रूबरू होंगे। इसमें 19 किताबें हैं जिनमें 6 एनसीईआरटी शामिल की गई है।

जारी सिलेबस में ये हाल

प्राइवेट स्कूलों से जारी सिलेबस की सूची के मुताबिक

  • नर्सरी कक्षा में 9 किताबें कीमत डेढ़ सौ रुपए से लेकर 250 तक।
  • कक्षा दो 11 किताबें कीमत चालीस रुपए से लेकर 625 रुपए तक एक किताब।
  • कक्षा पांच- 14 किताबें। कीमत 40 रुपए से लेकर 609 रुपए तक।
  • कक्षा छठवीं-19 किताबें कीमत 65 रुपए से लेकर 499 रुपए तक।
  • इसमें छह किताबें एनसीईआरटी की शामिल हुई है।

सीबीएसई के 150 स्कूल

राजधानी में 150 सीबीएसई स्कूल हैं। महंगी किताबों के मामलों में यहां सबसे ज्यादा शिकायतें हैं। कलेक्टर ने जांच के लिए टीम बनाई है।

नियमों के आधार पर होगी कार्रवाई होगी- डीईओ

मामले में नियमों के आधार पर कार्रवाई होगी। हर कक्षा में पढ़ाई जानी वाली किताबों की स्कूलों से लिस्ट मांगी गई है। उसकी जांच हो रही है। लिस्ट और स्कूल के सिलेबस से मिलान किया जाना है।- एनके अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी (MP News)

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Published on:
04 Mar 2026 05:48 am
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