उपसचिव मनोज सिन्हा की अगुआई में भेजे गए दल ने रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। साथ ही, अब इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार से पेंशन का नया मॉडल लागू करने को लेकर सैद्धांतिक सहमति की मांग की गई है।
भोपाल/ केरल की तर्ज पर कर्मचारियों की भविष्य निधि राशि के बेहतर प्रबंधन के जरिए पेंशन दोगुनी करने की प्रक्रिया पर सहकारिता विभाग द्वारा तैयारी की जा रही है। इसके तहत मध्य प्रदेश की शीर्ष (अपेक्स) सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए नया पेंशन फार्मूला लागू किये जाने पर काम किया जा रहा है। सहकारिता विभाग के उपसचिव मनोज सिन्हा की अगुआई में भेजे गए दल ने रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। साथ ही, अब इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार से पेंशन का नया मॉडल लागू करने को लेकर सैद्धांतिक सहमति की मांग की गई है।
लंबे समय से की जा रही थी मांग
सूत्रों की माने तो, लंबे समय से सहकारी संस्थाओं के कर्मचारी द्वारा पेंशन बढ़ाने की मांग की जा रही है। अभी भविष्य निधि खाते में जो राशि जमा की जाती है, उसके हिसाब से सहकारी कर्मचारियों की पांच हजार रुपए महीना पेंशन बनती है। वहीं, केरल में सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को 15 से 21 हजार रुपए रुपए महीना पेंशन दी जाती है। इसके अलावा वहां सहकारी कर्मचारियों को अन्य कई सुविधाएं भी मध्य प्रदेश के मुकाबले काफी बेहतर है।
केरल की तर्ज पर तैयार होगा पेंशन फार्मूला
आपको बता दें कि, केरल में भविष्य निधि की राशि का प्रबंधन पेंशन नियामक प्राधिकरण के माध्यम से किया जाता है। इसके चलते फंड सरप्लस की स्थिति में पहुंच गया है। इसकी वजह से केरल में सहकारी कर्मचारियों को पेंशन सहित कई सुविधाएं व्यवस्थित रूप से मिलती रहती हैं। प्रदेश सहकारी विभाग ने टीम नियुक्त करके इस फॉर्मूले का अध्ययन कर लिया है, साथ ही इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश के मापदंडों के आधार पर रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। पहले चरण में अपेक्स संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए पेंशन का नया फार्मूला लागू किया जाएगा। इसके बाद इसका विस्तार जिला बैंक और फिर सहकारी समिति स्तर पर होगा। सरकार से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद इस मामले में विभाग आगे कदम बढ़ाएगा। संस्थाओं के साथ कर्मचारी संगठनों से बात करके इसपर निर्णय होगा।