
भोपाल। अगर आप किराएदार या फिर मकान मालिक है तो ये खबर आपके काम की है। जी हां मध्यप्रदेश में अब नया किराएदारी एक्ट 2020 लागू होने जा रहा है। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस एक्ट को लेकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट को केंद्र सरकार की सहमति के लिए भी भेज दिया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार इस नए एक्ट को शुरुआत में नगरीय क्षेत्रों में लागू करेगी। धीरे-धीरे इसे शहरीय और ग्रामीण दोनों की जगहों पर लागू किया जाएगा। जान लीजिए क्या हैं इस एक्ट के प्रावधान...
- किराए के मकान में रहने वाले लोगों को एग्रीमेंट खत्म होने पर मकान खाली करना होगा।
- अगर एग्रीमेंट खत्म होने के बावजूद भी किराएदार मकान खाली नहीं करता है तो उसे पहले 2 माह में दोगुना और तीसरे महीने से 4 गुना किराया देना होगा।
- मकान मालिक और किराएदार का एग्रीमेंट उनकी मृत्यु के बाद भी उनके उत्तराधिकारी पर भी लागू होगा जबरन घर खाली नहीं करा सकेंगे।
- अब किराएदार और मकान मालिक के बीच किसी भी तरह का झगड़ा होने की स्थिति में सिविल कोर्ट में अपील नहीं हो सकेगी।
- ऐसे किसी भी मामले को अब एक सदस्य किराया ट्रिब्यूनल, किराया प्राधिकारी और रेंट कोर्ट में निपटाया जाएगा।
- किराया मकान मालिक और किराएदार की सहमति से बढ़ेगा।
- एग्रीमेंट होने के 60 दिन के अंदर किराया प्राधिकारी को बताना होगा।
- प्रदेश या फिर दूसरी जगहों पर रहने वाले मकान मालिकों की सहमति पर उनके प्रॉपर्टी मैनेजर या फिर रेंट एजेंट काम करेंगे।
- सभी प्रॉपर्टी मैनेजर और रेंट एजेंट का रजिस्ट्रेशन होगा।
- एक्ट के लागू होने के बाद भी सिविल कोर्ट में पेंडिंग मकान मालिक और किराएदार के बीच विवाद पुराने कानून के तहत जारी रहेंगे।