ट्रेन संचालन के मामले में भोपाल रेलमंडल एवं भोपाल की शान कही जाने वाली भोपाल एक्सप्रेस की शान आईएसओ सर्टिफिकेट इसे दोबारा मिलेगा। भोपाल रेलमंडल दोबारा
शिवनारायण साहू
भोपाल. ट्रेन संचालन के मामले में भोपाल रेलमंडल एवं भोपाल की शान कही जाने वाली भोपाल एक्सप्रेस की शान आईएसओ सर्टिफिकेट इसे दोबारा मिलेगा। भोपाल रेलमंडल दोबारा से यह प्रमाणपत्र पाने की तैयारी में जुट गया है। भोपाल एक्सप्रेस में रेलवे कई यात्री सुविधाओं को भी बढ़ाने जा रहा है। ट्रेन के वातानुकूलित कोच में कॉफी मशीन, ब्लैंकेट कवर और मोबाइल रखने के लिए नेट बैग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।ट्रेन के प्रत्येक कोच में अतिरिक्त डस्टबिन भी रखे जाएंगे।
शान-ए-भोपाल के नाम से जानी जाने वाली भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन को साफ-सफाई के साथ ही व्यवस्थित रखरखाव के चलते पूर्व में यह प्रमाणपत्र मिला था, लेकिन जबलपुर मुख्यालय द्वारा भोपाल एक्सप्रेस में जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस का रैक लगाने के कारण यह प्रमाणपत्र छिन गया था। जबलपुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस का रैक अब हटा लिया गया है। ऐसे में ट्रेन में सुविधाओं की वृद्धि के साथ ही रेलवे फिर से इसकी पुरानी रंगत लौटाने में जुट गया है।
बता दें जून २०१७ में रेलवे ने भोपाल एक्सप्रेस में जबलपुर से निजामुद्दीन के बीच चलने वाली ट्रेन के रैक जोडऩे का निर्णय लिया था। इस रैक को लगाने से जहां ट्रेन के कोच की साफ-सफाई और रख-रखाव प्रभावित हुआ। ट्रेन का मेंटेनेंस भी बढ़ गया। अन्य ट्रेन के कोच लगाए जाने के कारण यह ट्रेन आईएसओ के मानक पर खरी नही उतर सकी और इस ट्रेन से आईएसओ सर्टिफिकेट छिन गया।
लोग हो रहे थे भ्रमित, 100 दिन बाद ही अलग हुआ रैक
जबलपुर मुख्यालय के आदेश के बाद भोपाल रेल मंडल ने ०५ जून को गाड़ी संख्या 12155/12156 हबीबगंज-हजरत निजामुददीन-हबीबगंज, शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस और गाड़ी संख्या 22181/22182 जबलपुर-हजरत निजामुददीन-जबलपुर सुपर एक्सप्रेस को लिंक किया था, लेकिन यात्रियों द्वारा लगातार शिकायत मिलने के बाद १५ सितंबर को ही इसे डी-लिंक करने का निर्णय लिया। एक समस्या टे्रन के नाम को लेकर भी आ रही थी।
जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के कोच लिंक होने के बाद रेलवे ने कोच में लगी पट्टी पर हबीबगंज-जबलपुर-हजरतनिजामुद्दीन लिखवा दिया था।
16 सितंबर से भोपाल एक्सप्रेस अपने पुराने रैक के साथ ही चल रही है। पूर्व की तरह ही इसकी साफ-सफाई और रखरखाव की गुणवत्ता को सुधार जा रहा है। प्रयास है कि दोबारा से इस ट्रेन को आईएसओ सर्टिफिकेट मिल सके।
-आईए सिद्दीकी, प्रवक्ता भोपाल रेलमंडल