
Power companies in bhopal: एमपी के भोपाल शहर में लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से निपटने के लिए अब सोलर पॉवर प्लांट के स्मार्ट इन्वर्टर की भोपाल स्थित मौलाना आजाद प्रोद्योगिकी संस्थान की रिएक्टर पॉवर तकनीक को लागू करने ऊर्जा विकास निगम के प्रजेंटेशन पर मप्र विद्युत नियामक आयोग ने कंपनियों को काम शुरू करने आदेश दिए है। सोलर प्लांट के स्मार्ट इन्वर्टर इस तकनीक से बिजली लाइन में करंट की लोड बैलेसिंग करेंगे। इसकी शुरुआत भोपाल से राजगढ़, नीमच के बीच ट्रिपिंग व वॉल्टेज बेहतर करने से होगी।
दरअसल, रात के समय जब बिजली के बड़े उपभोक्ता जिसमें उद्योग से लेकर कृषि व अन्य उपयोग के लिए बिजली ली जाती है तो ओवरलोड की स्थिति बनती है और ट्रिपिंग व लो वॉल्टेज की समस्या बनती है। इस स्थिति में पारंपरिक कैपेसिटर बैंक कम वोल्टेज होने पर ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। जबकि आधुनिक सौर इनवर्टर रात के समय और बिना धूप के भी ग्रिड को स्थिरता यानि रिएक्टिव पावर सपोर्ट दे सकते हैं। प्लांट के स्मार्ट इन्वर्टर लाइन में बिजली के ओवरलोड में संतुलन बनाकर वॉल्टेज व आपूर्ति सतत बनाए रखेंगे। लाइन में करंट 97 फीसदी से कम व 103 फीसदी से अधिक नहीं होगा ये सौर प्लांट के स्मार्ट इन्वर्टर रिएक्टर पॉवर तकनीक से बैलेंसिंग शुरू कर देंगे।
कोट्स वॉल्टेज व और ट्रिपिंग की दिक्कत खत्म करने आधुनिक तकनीक से काम होगा। संबंधित सोलर प्लांट को वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा। आयोग ने कंपनियों को इसलिए ही निर्देश दिए। - उमाकांत पांडा, सचिव एमपीइआरसी
बिजली आपूर्ति पर तकनीकी अध्ययन पता चला कि भोपाल राजगढ़ से नीमच के बीच बिजली लाइनों में वॉल्टेज असंतुलन व ट्रिपिंग की दिक्कत आ रही है। इस समस्या को दूर करने में पारंपरिक कैपेसिटर बैंक उतने प्रभावी नहीं साबित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सौर ऊर्जा प्लांट के स्मार्ट इनवर्टर सहायता दे सकते हैं। इससे न केवल बिजली कंपनियों का करोड़ों रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बचेगा, बल्कि ग्रिड की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
रात दस बजे से सुबह छह बजे तक 20 फीसदी छूट मिलने की उम्मीद में बिजली उपयोग कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। एमपी के भोपाल शहर में अब रात की छूट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। टाइम ऑफ दि डे के तहत अब उपभोक्ताओं के लिए छूट सिर्फ दिन के समय में दी जा रही है। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक आप जो बिजली उपयोग करेंगे उस पर 20 फीसदी तक की छूट दी जाएगी। ये घरेलू उपभोक्ता व स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए है। अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ता के लिए अलग-अलग नियम है।