वित्तमंत्री का बड़ा बयानः शराब के बगैर नहीं रह सकते तो थोड़ी-थोड़ी पिया करो
भोपाल। वित्तमंत्री जयंत मलैया ने चौंकाने वाला बयान देकर सभी को हैरत में डाल दिया। पहले वे कहते थे कि धीरे-धीरे शराबबंदी की जाएगी, लेकिन अब कह रहे हैं कि कई लोग शराब के बिना नहीं रह सकते हैं, इसलिए उन्हें थोड़ी-थोड़ी पीना चाहिए। मध्यप्रदेश में शराबबंदी नहीं हो सकती है।
मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया का कहना है कि किसी भी प्रदेश में शराबबंदी सफल नहीं हो पाई है। चाहे गुजरात, बिहार हो या फिर अमेरिका। होशंगाबाद दौरे पर मलैया ने मीडिया के सवालों का जवाब देते कहा कि शिवराज सरकार लगातार शराबबंदी की बात करती है, लेकिन शराबबंदी प्रदेश के लिए घाटे का सौदा होगा।
मलैया ने कहा कि शराब पर प्रतिबंध लगाएं तो दूसरे ड्रिंक्स आ जाएंगे। पहले हमें ऐसी सोसायटी का निर्माण करना पड़ेगा, जिसमें शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का निर्माण न हो सके।
अमेरिका में भी असफल हुई शराबबंदी
मलैया ने कहा कि अमेरिका में 1930 में शराबबंदी का प्रयोग किया था। लेकिन, असफल होने पर प्रतिबंध हटा दिया गया था। इसके बावजूद भी उस समय के नेता रुजवेल्ट भारी वोटों से जीते थे।
वित्तमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश में शराबबंदी होती है तो प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार बढ़ जाएगा, जिससे अपराध बढ़ेंगे।
यह भी बोले वित्तमंत्री
-बढ़ते हुए कर्ज पर मलैया ने कहा कि हम साढ़े 14 साल रेवेन्यू सरप्लस में रहे। आम आदमी की बेहतरी के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ऐसे में ओवर ड्राफ्ट से फर्क नहीं पड़ेगा। वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार पर फिलहाल 1 लाख 60 हजार करोड़ का बोझ है। जरूरत पड़ने पर और कर्ज ले लिया जाएगा।
इन राज्यों में है शराबबंदी
गुजरात, बिहार, नागालैंड और मणिपुर के अलावा मध्यप्रदेश भी ऐसा राज्य बन सकता है जहां शराबबंदी हो। लेकिन, बार-बार शराबबंदी की घोषणाओं के बावजूद अब सरकार नहीं चाहती है कि शराबबंदी हो।
मुख्यमंत्री भी कर चुके है कई बार घोषणा
सिंहस्थ के दौरान भी शराबबंदी का मुद्दा उठा था। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में घोषणा कर दी थी की सरकार शराबबंदी के पक्ष में है। लेकिन, शराबबंदी को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। इसके बाद कई बार उन्होंने धीरे-धीरे शराबबंदी की ओर बढ़ते रहने की घोषणा की। इसके बाद सरकार ने यह फैसला भी किया कि स्कूल कॉलेजों के आसपास 100 मीटर के दायरे में कोई दुकान या अहाता नहीं होगा। अब कई शहरों से कई अहातें खत्म कर दिए गए हैं। इसके अलावा शराब के नशे में कार चालक पकड़ाए जाने पर पहले मोटरव्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता था। लेकिन अब कार में शराब पीने को भी अपराध मानते हुए सीधे प्रकरण दर्ज कर जेल भेजने का प्रावधान कर दिया गया।