
भोपाल। शहर में कोरोना (coronavirus) मरीज की संख्या बढ़ रही है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ है डॉक्टर से लेकर सपोर्टिंग स्टाफ लगातार मरीजों का इलाज करने में जुटा है। डॉक्टर और सपोर्टिंग स्टाफ भी बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में एम्स (AIIMS) प्रबंधन ने कोरोना मरीजों क इलाज कर रहे डॉक्टरों के लिए अजीब आदेश जारी किया है।
अवकाश में से ही करानी होगी कटौती
गुरुवार को जारी आदेश में कह गया है कि अगर वे कोरोन मरीजों के इलाज के दौरान संक्रमित होते हैं तो उन्हें पेड ली (सवैतनिक अवकाश) नहीं दिया जाएगा। बल्कि संक्रमित डॉक्टर को अपने अवकाश में से ही कटौती करानी होगी। अगर कर्मचारी के अवकाश नहीं बचे हैं तो उसे नो वर्क नो पे यानि अवैतनिक छुट्टी संक्रमित रहने के दौरान लेनी होगी।
मेडिकल स्टाफ डिप्रेशन का शिकार
एम्स प्रबंधन के इस आदेश के बाव रेजीडेंट चिकित्सक नाराज हैं रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन एम्स कोविड नोडल ऑफिस को सात सूत्रीय पत्र लिखा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ श्रवण जेएस ने पत्र में कहा कि इस वक्त आम मरीजों की तुलना में कोविड से ज्यादा मौतें हो रहीं हैं।
स्थिति भयावह होने से डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ डिप्रेशन का शिकार हो रहा है वहीं छुट्टी पर भी नियम लगाए जा रहे हैं। इस आदेश में तत्काल सुधार किया जाना चाहिए मालूम हो कि एम्स में बीते कुछ महीनों पहले हुई टास्क फोस् कमेटी की बैठक में क्वॉरंटी सुविधा के निर्णय को समाप् कर दिया गया था ।
अस्पताल में आरक्षित हों स्टाफ के लिए 10% बिस्तर
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के महासचिव डॉ. देवेश दुबे ने बताया कि इस वक्त हालात ऐसे हैं कि अस्पतालों में मरीजों को बिस्तर नहीं मिल पा रहे हैं। यहां तक कि मरीजों का इलाज करते वक्त संक्रमित हुए डॉक्टर्स व कर्मचारियों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में एम्स के कर्मचारियों व उनके परिवार के संक्रमित सदस्यों के लिए 10 फीसदी बिस्तर आरक्षित किए जाने चाहिए