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एमपी में TET पर डेढ़ लाख टीचर्स को बड़ी राहत, सरकार ने बढ़ाई तिथि

MP TET : एमपी में सन 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए टीचर्स को पात्रता परीक्षा पास करनी होगी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो रही परीक्षा
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TET in MP

एमपी में TET की आवेदन तिथि सरकार ने बढ़ाई- demo pic- source AI Grok

TET : मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा TET पर टीचर्स को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने परीक्षा आवेदन तिथि बढ़ा दी है। इसी के साथ TET के लिए ऑफलाइन परीक्षा का भी विकल्प दे दिया है। पहली बार होने जा रही इस परीक्षा के लिए अब 18 सितंबर तक आवेदन दिए जा सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन मंडल ने बातचीत के बाद परीक्षा आवेदन की तारीख बढ़ाने का फैसला लिया। इस संबंध में एमपी ऑनलाइन और कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल पर सूचना दी जाएगी। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख टीचर्स को यह परीक्षा देनी होगी। अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा TET के 12 हजार फॉर्म भरे जा चुके हैं।

सन 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए टीचर्स को पात्रता परीक्षा पास करनी होगी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एमपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) कराई जा रही है। इसके अंतर्गत सन 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए टीचर्स को पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। शिक्षक पात्रता परीक्षा TET के लिए अब 18 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख अभी 4 सितंबर थी। आवेदन में संशोधन 20 सितंबर तक किया जा सकेगा।

ये परीक्षा ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी दे सकेंगे

शिक्षक पात्रता परीक्षा TET परीक्षा में एक और राहत दी गई है। अब टीचर्स ये परीक्षा ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी दे सकेंगे। इससे कंप्यूटर नहीं चला सकने वाले टीचर्स को लाभ होगा। शिक्षक संगठनों ने इसके लिए स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह से मांग की थी। संगठनों ने TET परीक्षा के लिए 1 हजार रुपए परीक्षा शुल्क लिए जाने का भी विरोध किया है।

टीचर्स से परीक्षा शुल्क लेना उचित नहीं

शिक्षक संगठनों का कहना है कि पात्रता परीक्षा का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग करा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह परीक्षा ली जा रही है इसलिए सरकार को ही इसका खर्च उठाना चाहिए। टीचर्स से परीक्षा शुल्क लेना उचित नहीं है। 1000 रुपए की राशि बहुत ज्यादा है। परीक्षा शुल्क से राहत देने की टीचर्स की मांग पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।