भोपाल

किसानों को लिखित में बताना होगा उनका अनाज आर्गेनिक है या नहीं

मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों में अपना अनाज बेचने वाले किसानों को अब मंडी के फार्म में ही लिखकर देना होगा कि उनकी फसल आर्गेनिक फूड है या केमिकल फर्टीलाइजर से पैदा हुई उपज है।

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Nov 26, 2019
मुनाफाखोरी का खेल, किसान झेल रहे करोड़ों का नुकसान
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भोपाल। मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों में अपना अनाज बेचने वाले किसानों को अब मंडी के फार्म में ही लिखकर देना होगा कि उनकी फसल आर्गेनिक फूड है या केमिकल फर्टीलाइजर से पैदा हुई उपज है।अगर वे आर्गेनिक फूड बताते हैं तो उन्हें इसका प्रमाण पत्र भी साथ में जमा करना होगा। मध्यप्रदेश मंडी बोर्ड ने मंडी उपविधि में संशोधन करते हुए 7 दिसंबर से प्रदेश की सभी मंडियों में यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। आर्गेनिक फूड के मंडी में अलग दाम मिलेंगे जो कि सामान्य फसल से ज्यादा होंगे।

देश की 40 फीसदी आर्गेनिक फार्मिंग मध्यप्रदेश में-
मध्यप्रदेश आर्गेनिक फार्मिंग में देश में अग्रणी राज्य है। एपिडा के अनुसार पूरे देश में होने वाली आर्गेनिक फार्मिंग का 40 प्रतिशत उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। मध्यप्रदेश ने 2018-19 में 940 करोड़ रुपए का 1 लाख 18 हजार मीट्रिक ऑर्गेनिक फूड निर्यात किया है, जो दूसरे राज्यों से बहुत ज्यादा है। गेंहू उत्पादन में देश में अव्वल रहने वाले मध्यप्रदेश के कई किसान अब आर्गेनिक फार्मिंग से ही गेंहू उगा रहे हैं। लेकिन कृषि उपज मंडी में उन्हें सामान्य फसल के बराबर दाम मिलने के कारण वे उसे यहां न बेंच कर खुले बाजार में बेंच रहे हैं। सरकार के इस कदम से मंडियों में आर्गेनिक फूड की आवक शुरू हो जाएगी।

ग्रेडिंग और सॉर्टिंंग की अलग रेंज-

मंडी बोर्ड ने यह व्यवस्था भी की है कि यदि कोई किसान अपनी फसल की ग्रेडिंग और सॉर्टिंग कराकर लाएगा तो उसे अलग दाम मिलेंगे। इसके लिए भी उसे मंडी में लिखित रूप से देने के साथ ही ग्रेडिंग -सार्टिंग का प्रमाण पत्र भी देना होगा।

मंडी समितियों को सम्मेलन करके करना होगा संशोधन-
मंडी समिमियों को अपने यहां सम्मेलन करके मंडी उपविधि 2000 में किए गए संशोधन को अपने यहां लागू करना होगा। इसके लिए मंडी बोर्ड ने नियत समय जारी किया गया है। यदि कोई कृषि उपज मंडी संशोधन के लिए सम्मेलन नहीं करती है तो 7 दिसंबर से नए नियम स्वत: ही उस पर लागू माने जाएंगे।

नए नियमों के अनुसार किसान को अब अनुबंध पत्रक, सौदा पत्रक, तौल पर्ची और भुगतान पत्रक में यह घोषित करना होगा कि उसकी फसल आर्गेनिक है या नहीं।

Published on:
26 Nov 2019 09:42 am