
भोपाल. प्रदेश की ९० हजार से ज्यादा आंगनबाडि़यों में पोषण आहार सप्लाई लगभग बंद है। आशंका है कि मई में शॉर्ट टर्म टेंडर की व्यवस्था होने तक पोषण आहार न पहुंचे। हालांकि, सरकार ने इस डेढ़ महीने की अवधि में आपूर्ति के लिए मंगलवार को उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश और राजस्थान को पत्र लिखा है। इन राज्यों के महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों से बुधवार को बात करके जानकारी ली गई।
इन राज्यों से पत्र में पूछा है कि उनके यहां पोषण आहार आपूर्ति की क्या व्यवस्था है। आपूर्तिकर्ता चाहे तो उन्हें मध्यप्रदेश में आपूर्ति का काम दिया जा सकता है। इन राज्यों से पत्र व्यवहार और आपूर्ति का जिम्मा लेने में १५ दिन से अधिक समय लगेगा। राजस्थान में पोषण आहार की सप्लाई स्व-सहायता समूह कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में निजी कंपनियों के माध्यम से पोषण आहार मिलता है। उत्तराखंड के आपूर्ति मॉडल की अभी पूरी जानकारी नहीं आ सकी है।
- कहां-कैसी व्यवस्था
राजस्थान में पोषण आहार की सप्लाई स्व-सहायता समूह कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में निजी कंपनियों के माध्यम से पोषण आहार मिलता है। उत्तराखंड के आपूर्ति मॉडल की अभी पूरी जानकारी नहीं आ सकी है।
- सात अप्रैल तक का स्टॉक
राज्य सरकार ने जबलपुर हाईकोर्ट में लिखित में बताया था कि आंगनबाडि़यों तक सात अप्रैल तक ही पोषण आहार पहुंचाने का स्टॉक है। इसके बाद आपूर्ति नहीं हो सकेगी। अब अधिकतर जगह दो व चार अप्रैल के बीच ही स्टॉक खत्म हो चुका है। सरकार ने इस डेढ़ महीने की अवधि में आपूर्ति के लिए मंगलवार को उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश और राजस्थान को पत्र लिखा है। इन राज्यों के महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों से बुधवार को बात करके जानकारी ली गई।
हमने हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक तीनों राज्यों को पत्र लिखा है। अब पत्र का जवाब आने पर आगे कार्रवाई करेंगे।
- संदीप यादव, आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा