अफसर ने ही खोला दरवाजा
भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अफसर की बीवी कमरे में इस हाल में मिली कि हर कोई हैरान रह गया. रेल मंडल आरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट की पत्नी के कमरे का दरवाजा बंद था. जैसे ही कमांडेंट ने दरवाजा खोला वे अंदर देखकर सन्न रह गए. उनकी पत्नी वहां फांसी पर लटकी थीं. उन्होंने आत्महत्या क्यों की, इसके कारण का खुलासा नहीं हो सका है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट की पत्नी ने लगाई फांसी
रेल मंडल आरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात दिग्विजय सिंह की पत्नी साधना सिंह 54 वर्ष ने शुक्रवार फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह 10.30 बजे जब ड्यूटी से लौटकर दिग्विजय सिंह मिसरोद थाना अंतर्गत रुचि लाइफस्केप स्थित अपने घर पहुंचे तो उन्होंने घर का दरवाजा बंद पाया। ड्राइवर की सहायता से उन्होंने दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन दरवाजा अंदर से बंद होने की वजह से नहीं खुल रहा था।
जैसे तैसे उन्होंने खिड़की के माध्यम से ड्राइवर को अंदर भेज कर दिखवाया तो उनकी पत्नी बेडरूम में फांसी पर लटकी हुई थी। दरवाजा खुलने के बाद कमरे के अंदर गए तो देखा कि पत्नी फांसी पर लटकी हुई थी और उनकी सांसे बंद हो चुकी थीं। दिग्विजय सिंह ने मिसरोद थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे एसआइ गोपाल सिंह चौहान ने मर्ग कायम कर शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना करवाया।
आरपीएफ अधिकारी दिग्विजय सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी एक बेटी मुंबई में डॉक्टर है जबकि मुंबई में ही दूसरा बेटा इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। उनका एवं उनकी पत्नी के बीच किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था। उन्हें खुद नहीं मालूम कि उनकी पत्नी ने ऐसा क्यों किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।