अमानक कप और ओवरचार्जिंग से वेंडर रोजाना करीब एक लाख रुपए की ओवरचार्जिंग कर रहे हैं
विकास वर्मा, भोपाल
रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेन में आप जिस एक कप चाय के लिए 10 रुपए चुकाते हैं क्या आप जानते हैं असल में वो चाय कितने रुपए की है? रेलवे द्वारा निर्धारित दर के मुताबिक एक कप चाय (150 एमएल) 5 रुपए की और टी बैग चाय और कॉफी 7 रुपए की है। यह चाय आपको रेलवे द्वारा 170 एमएल के कप में मिलेगी। वहीं 10 रुपए में आपको 285 एमएल चाय मिलेगी। इसमें 2 टी बैग, 2 शुगर पाउच और दो 170 एमएल के कप मिलेंगे, लेकिन भोपाल रेल मंडल में ऐसा नहीं हो रहा है। पत्रिका ने जब भोपाल रेलवे स्टेशन पर जायजा लिया तो पता चला कि चाय की चुस्की के नाम पर रोजाना यात्रियों से एक लाख रुपए से अधिक की अवैध वसूली की जा रही है। महीने में यह राशि 30 लाख रुपए से अधिक होती है। बता दें, इससे पहले पत्रिका ने रेलवे स्टेशन पर मौजूद फूड स्टॉल पर पैक्ड फूड की एमएआरपी के नाम पर यात्रियों से हर महीने हो रही तीन लाख रुपए की अवैध वसूलीï का खेल भी उजागर किया था।
आपके साथ इन दो तरीकों से हो रही है चाय के नाम पर ओवरचार्जिंग
पहला तरीका : पांच वाली चाय 10 रुपए में बेचते हैं, मात्रा भी कम
भोपाल रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे में 21 हजार कप चाय बिकती है, इस एक कप चाय (150 एमएल) की कीमत पांच रुपए होती है लेकिन वेंडर द्वारा प्रति कप दस रुपए वसूले जाते हैं। वेंडर द्वारा यात्री को 100 एमएल कप में 80 एमएमल सर्व की जाती है। जबकि रेलवे द्वारा 170 एमएल कप में 150 एमएल चाय सर्व करने का नियम है। इस हिसाब से रोजाना 150 वेंडर प्रतिदिन 23 हजार चाय बेचते हैं। यात्रियों से प्रति कप पांच रुपए अधिक लेकर वेंडर रोजाना करीब एक लाख पांच हजार रुपए की वसूली कर रहे हैं।
दूसरा तरीका : 7 रुपए की टी बैग चाय 10 रुपए में बेचते हैं
इसके अलावा स्टॉल पर भी यात्रियों को चाय की चुस्की के नाम पर लूटा जा रहा है। स्टॉल पर टी बैग चाय और कॉफी का दाम 7 रुपए है। एक स्टॉल पर प्रतिदिन 100 कप चाय बिकती है, वहीं विभिन्न प्लेटफॉर्म पर स्थित 15 स्टॉल पर चाय बेची जाती है। इस हिसाब से रोजाना 15 स्टॉल से करीब 1500 कप चाय बेची जाती है। यात्रियों से प्रति कप 3 रुपए अधिक लेकर यह स्टॉल संचालक रोजाना करीब 4500 रुपए की वसूली कर रहे हैं।
जागरुक यात्री बन ओवरचार्जिंग की करें शिकायत
ओवरचार्जिंग की स्थिति में डिप्टी एसएस कमर्शियल, रेलवे को ट्विटर हैंडल या टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
स्टेशन, प्लेटफॉर्म व ट्रेन में रेलवे द्वारा तय स्टैंडर्ड कप में तय दाम पर ही चाय बेचने का नियम है, इसे लेकर कमर्शियल विभाग द्वारा समय-समय पर जांच अभियान भी चलाए जाते हैं, अगर कोई भी वेंडर यात्री से ओवरचार्जिंग करता है या उसे अमानक कप में चाय बेचते है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
अनुराग पटेरिया, सीनियर डीसीएम (कमर्शियल), भोपाल डिवीजन