निगम की मुहिम ठंडी पड़ी: एमपी नगर से हटाई गुमठियां शहरभर में पसरी, माफिया के हौसले बुलंद
भोपाल. शहर के सबसे बड़े व्यावसायिक क्षेत्र एमपी नगर को गुमठी मुक्त कराने नगर निगम की कार्रवाई का असर खत्म हो चला है। जोन एक में अलखनंदा कॉम्प्लेक्स के पास से डेढ़ सौ से अधिक गुमठियां हटाई थीं, वहां अब कार पार्किंग बन गई है। मैकेनिकों ने भी दुकानदारी शुरू कर दी है। एमपी नगर थाने के पीछे निगम के स्टोर में गुमठियों के लिए जगह निकालने के बाद पूरी कवायद ठंडी पड़ गई। अब ये गुमठियां वहां से उठकर एमपी नगर के अलग-अलग हिस्सों में रखी जाने लगी हैं। इंदौर सीट कवर के सामने की लाइन से लेकर मल्टीलेवल पार्किंग और बैंक स्ट्रीट से लेकर ज्योति टॉकीज और रेलवे स्टेशन की लाइन तक ये फैल गई हंै।
पे्रस कॉम्प्लेक्स, विजय स्तंभ और बीडीए के आसपास तक इनका कारोबार शुरू हो गया। निगम प्रशासन ने अरेरा हिल्स पर सरकारी प्रेस कार्यालय के सामने की लाइन में पीडब्ल्यूडी रोड पर इन गुमठियों को जमाने की कवायद की। पीडब्ल्यूडी के विरोध के बाद काम रुका। गौरतलब है कि निगम प्रशासन ने तीन महीने पहले जोन एक में अतिक्रमण व अवैध रूप से रखी गई गुमठियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह तक बचाव में रोड पर उतरे। निगम मुख्यालय का घेराव किया। 400 गुमठियों को हटाया गया था। काफी विवाद हुआ, एमपी नगर में निगम प्रशासन के खिलाफ रैली तक निकाली गई, लेकिन किसी की नहीं सुनी गई। अब निगम प्रशासन पूरी तरह से शांत हो गया है। ऐसे में गुमठी माफिया ने पहले की तरह बेखौफ कारोबार शुरू कर दिया है।
एमपी नगर में गुमठियों के 12 नए स्थान
पुराने ठियों के साथ गुमठियों के लिए नए 12 स्थान भी चुन लिए गए हैं। राजनीतिक रसूख की वजह है कि मानसरोवर से लेकर बीआरटीएस सर्विस रोड के साथ सरगम टॉकीज और रेलवे लाइन की ओर तक नई गुमठियां नजर आने लगी हंै। अपर आयुक्त कमल सोलंकी का कहना है कि जिला प्रशासन से गुमठियों को विस्थापित करने जमीन लेने की कवायद की जा रही है। जल्द ही अवैध गुमठियों से पूरा क्षेत्र मुक्त हो जाएगा।