
राजधानी भोपाल में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। दरअसल एक महिला का पति दो महीने से लापता था। पत्नी ने उसे हर जगह ढूंढा, पति के लिए जगह जगह गुहार लगाई। जैसे-तैसे पति मिला तो महिला उसे अपने घर ले गई। उसने पूरे 11 दिन उसकी सेवा की। लेकिन 11 दिन बाद उसे पता चला कि जिसकी सेवा में उसने दिन रात एक कर दिए, वह उसका पति है ही नहीं। अब महिला की स्थिति यह है कि वह अपने पति को वापस अस्पताल छोडऩे के लिए मुश्किलें झेल रही है। आपको बता दें कि यह मामला राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल का है।
जानें महिला कैसे खा गई धोखा
दरअसल, करीब 20 दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर एक मरीज का फोटो वायरल हो रहा था। इस फोटो को एक लापता इंसान के रूप में वायरल किया गया था, यह व्यक्ति हमीदिया अस्पताल में भर्ती था। इस फोटो को एक समाजसेवी ने वायरल किया था। फोटो देख महिला ने समाज सेवी के साथ ही कमला नगर थाना क्षेत्र के बीजासेन नगर में रहने वाली महिला मालती ठाकुर ने उसकी पहचान अपने पति के रूप में की। उसने बताया कि यह उसका पति पप्पू ठाकुर है, जो मानसिक रोगी है और वह पिछले दो महीने से लापता था। इसके बाद वह महिला हमीदिया अस्पताल पहुंची। यहां भी दो दिन तक वह मरीज वार्ड से गायब रहा और आखिर में वह अस्पताल में बने रैन बसेरा में मिला। जिसे सात अगस्त को महिला की पहचान के आधार पर महिला के साथ घर भेज दिया गया। लेकिन अब 11 दिन बाद महिला उसे अपना पति मानने से इनकार कर रही है।
जानें क्या कह रही पत्नी
पत्नी मालती ठाकुर का कहना है कि मालती ने पति पप्पू की बहनों और स्वजन की पहचान के आधार पर यह निर्णय लिया है। उनका कहना है कि पप्पू के हाथ में पप्पू ठाकुर, ओम और एम का टैटू बना हुआ था। यह उसे नहलाने के दौरान दिखाई दिया। मालती ने बताया कि उसकी मां का देहांत हो जाने के कारण वह इंदौर चली गई थी। इस कारण उसे पहचान करने में देरी हो गई। अब विधिवत तौर पर हमीदिया अस्पताल जाकर मरीज को छोड़कर आएंगी। इस मामले में मालती की जिस संगठन ने मदद की थी, उन्हीं के हवाले से मरीज को फिर से भेजा जाएगा।
समाज सेवी मोहन सोनी ने बताया कि जो मरीज अभी मालती के पास है, उसका पुनर्वास करेंगे। पूर्व में पहचान में गलती होने के कारण उस मरीज को मालती और उसके स्वजन को सौंप दिया था।
करीब दो माह से लापता है पप्पू
मालती ठाकुर का पति पप्पू करीब दो माह से लापता है, वो भी विक्षिप्त हालत में घर से निकल गया था। मालती ने बताया कि 26 जून को वह बीमार होने के कारण हमीदिया अस्पताल में भर्ती थी। उसी रात करीब तीन बजे पति घर से उठकर कहीं चले गए। इसके बाद से वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उन्हें बहुत खोजा लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद कमला नगर थाने में पप्पू की गुमशुदा होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। मालती का कहना है कि जिसे वह और उसके परिजन घर लेकर आए उसका चेहरा उसके पति से बिल्कुल मिल रहा था। इसलिए उनसे पहचान में चूक हुई। अब वे उसे वापस हमीदिया छोड़ देंगे। अस्पताल ने तो उसके पैर के टांके भी नहीं काटे थे। मालती ने उसका निजी हॉस्पिटल में इलाज तक कराया।