
भोपाल/ लोकसभा में प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा दिए गए विवादित बयान पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि प्रज्ञा ने पहली बार जब नाथूराम गोड़से को देशभक्त बताया था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें दिल से कभी माफ नहीं करने की बात कही थी। अब दूसरी बार प्रज्ञा ने लोकतंत्र के पवित्र मंदिर संसद में इसी बयान को दोहराया है। प्रधानमंत्री को अब प्रज्ञा को कतई माफ नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तय करें कि प्रज्ञा पर क्या एक्शन होना चाहिए। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा से देश अब यह जानना चाहता है कि वो गांधी जी के साथ है या गोडसे के साथ ? उन्हें अब अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिये। यदि वो महात्मा गांधी के साथ है तो, उनके हत्यारे को महिमा मंडित करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई भाजपा को तत्काल करना चाहिये।
भाजपा के छद्म गांधी प्रेम की हकीकत उजागर
जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहाकि प्रज्ञा ठाकुर ने संविधान की शपथ लेकर लोकतंत्र के मंदिर में गोड़से का गुणगान किया है। उसके बाद भी प्रधानमंत्री ने चुप्पी साध रखी है। गांधीजी की 150 वीं जयंती पर प्रज्ञा का यह बयान भाजपा के छद्म गांधी प्रेम की हकीकत उजागर कर रहा है