
भोपाल. लालघाटी स्थित वीआईपी रेस्ट हाउस में बुधवार देर रात वन्य प्राणी देखे जाने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने गुरुवार को भी सर्चिंग की। वन विभाग के उडऩदस्ते और क्रेक टीम ने वीआईपी रेस्ट हाउस और एयरपोर्ट के आसपास अलग-अलग तलाशी ली। टीमों को यहां किसी वन्य प्राणी की उपस्थिति के प्रमाण नहीं मिले हैं। दूसरी ओर घटना के 18 घंटे बाद भी वन विभाग वन्य प्राणी के पंजों के निशान की सटीक पहचान नहीं कर सका। हालांकि उडऩदस्ते के अधिकारी बुधवार देर रात मिले पंजों के निशान को तेंदुए का बताकर मामले को गंभीर बता रहे हैं। तेंदुए के आने की बात प्रचारित होने के बाद रेस्ट हाउस के पास की बस्ती समेत लालघाटी से लगी कॉलोनियों में दहशत का माहौल है। गुरुवार दोपहर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पंजे के इन निशानों को लकड़बग्घे के बताए।
शाम को फिर फैली तेंदुए की अफवाह, निकली बिल्ली
वीआईपी रेस्ट हाउस में तेंदुआ दिखने के समाचार के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैली हुई है। गुरुवार शाम लाल घाटी इलाके में गुफा मंदिर के पास तेंदुआ देखे जाने की अफवाह फैली। इसके बाद उडऩदस्ता और क्रेक टीम मौके पर पहुंची लेकिन जांच में बिल्ली के होने के साक्ष्य मिले। विभाग कीे दो टीमें इलाके में गश्त कर रही हैं।
मौके पर तेंदुए के पंजों के निशान मिले हैं। लोगों ने भी अंधेरे में एक जानवर को झपटते हुए देखा। दिन में तलाशी अभियान चलाया गया था।
राजकरण चतुर्वेदी, उडऩदस्ता प्रभारी, वन विभाग
पंजों के निशान देखे हैं, अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि ये लकड़बग्घे के पंजे के निशान हैं। यह शहरी इलाकों में भी आता-जाता है। इसमें डरने जैसी बात नहीं है।
सुनील भारद्वाज, एसडीओ, वन विभाग
वीआईपी रेस्ट हाउस में दिखे वन्य प्राणी की तलाश जारी है। सेना से भी समन्वय कर रहे हैं। तेंदुआ हो या हाइना दोनों ही खतरनाक हैं। तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
हरिशंकर मिश्रा, डीएफओ