भोपाल

ऑफीशियल दौरे पर भोपाल आए रेलवे बोर्ड चेयरमैन, कहा- भोपाल स्टेशन का पर एक साल में दिखना चाहिए काम

एेसी डिजायन बताओ जिस पर काम किया जा सके, पिछले दस साल से तो मैं देख रहा हूं...
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Jan 28, 2018
Railway chairman

भोपाल। पहली बार अपने ऑफीशियल दौरे पर भोपाल आए रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहनी ने भोपाल रेलवे स्टेशन के कायाकल्प को लेकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए है। भोपाल स्टेशन किसी राजधानी का स्टेशन लगे इसके लिए उन्होंने मार्च 2019 यानि 14 माह की समय सीमा तय कर दी है।

रेलवे अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 14 माह में स्टेशन पर आधारभूत सुविधाओं सहित स्टेशन भवन एवं उसके परिसर तक का विकास हो जाना चाहिए। रेलवे द्वारा स्टेशन बिल्डिंग के लिए प्रस्तावित आधुनिक लेकिन टफ डिजायन को भी उन्होंने यह कह कर रिजेक्ट कर दिया कि स्टेशन पर काम समय पर पूरा हो एेसा डिजायन बनाया जाए।

बता दें हबीबगंज रेलवे स्टेशन की तरह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से भोपाल रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट को लेकर कई बार टेंंडर जारी किए जाने के बाद भी कोई डेवलपर नही मिला है। एेसे में अब रेलवे ने स्वयं इसे डेवलप करने का निर्णय लिया है। इस दौरान भोपाल रेलमंडल के डीआरएम शोभन चौधरी ने ०३ माह के अंदर काम शुरू करने की बात कही।

इसके पहले वे सुबह लगभग नौ बजे निशातपुरा स्थित रेलवे कोच फैक्ट्री पहुंचे। यहां बॉडी रिपेयरिंग शॉप, मॉडल शॉप, फाइनल बॉडी शॉप सहित निर्मित किए जा रहे कोचों का निरीक्षण किया। स्टाफ कैंटीन और रेलवे हॉस्पिटल का भी उन्होंने निरीक्षण किया।
यहां से लगभग 12 बजे वे भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान चेयरमैन ने वेटिंग रूम, चाइल्ड लाइन सेंटर देखा।

इसके साथ ही प्लेटफार्म नंबर 6 पर बनी नई बिल्डिंग और उसमें यात्री सुविधाओं की जानकारी अफसरों से ली। उनके साथ रेलवे बोर्ड के मेंबर ट्रेक्शन घनश्याम सिंह, डीआरएम शोभन चौधुरी सहित भोपाल रेलमंडल अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके बाद वे हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर किए जा रहे रीडेवलपमेंट का निरीक्षण किया।

कर्मचारी फीता काटे तो मिलती है ज्यादा खुशी-

भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर एसबीआई के साथ करार के तहत स्थापित किए गए एसबीआई आईआरसीटीसी प्लेटिनम कार्ड बुकिंग के लिए बनाए काउंटर का शुभारंभ किया गया। स्टेशन पर तैनात प्वाइंटस मैन मयंक रजक से फ ीता काटकर इसका शुभारंभ चेयरमैन ने कराया।

कुलियों को रेस्ट रूम, लोको पायलट की टूलकिट की बाध्यता खत्म हो-

भोपाल स्टेशन निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर काम करने वाले कुलियों ने रेस्टरूम बनवाए जानें एवं उन्हें ग्रुप डी में शामिल किए जाने की मांग की। इस पर सीआरबी ने ३१ मार्च 2018 तक स्टेशन पर रेस्टरूम बनवाने के निर्देश दिए। हालांकि ग्रुप डी में शामिल करने के मामले को उन्होंने बाद में दिखवाने की बात कही। इस दौरान रेलवे के सहायक लोको पायलटों ने चेयरमैन से टूल किट लाने ले जाने की बाध्यता को खत्म करने के साथ ही इसको इंजन में फि क्स करने की मांग की।

भविष्य में भोपाल की जगह बैरागढ़ से होकर ही गुजरेंगी एक दर्जन ट्रेनें-
बैरागढ़ रेलवे स्टेशन के भोपाल रेलमंडल में शामिल होने के बाद इसे जल्द ही एक प्रमुख स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। सीआरबी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बैरागढ़ स्टेशन को भोपाल रेल मंडल में शामिल करने के बाद यहां स्टेशन का विकास करने के साथ ही ट्रेनों के हॉल्ट बढ़ाने की तैयारी है।

इंदौर से बीना की तरफ जाने वाली ट्रेनों को सीधे बैरागढ़ से डी केबिन होते हुए चलाने की योजना पर रेलवे काम कर रहा है। इसके लिए निशातपुरा स्टेशन को डेवलप किया जाएगाए ताकि बैरागढ़ से ट्रेन भोपाल स्टेशन आने की बजाय निशातपुरा हॉल्ट लेकर निकल जाएं। खासकर इंदौर की तरफ से आने वाली ट्रेनों को अधिक फायदा मिलेगा। इससे इन ट्रेनों का 40 मिनट से 1 घंटे तक का समय बचेगा।

Published on:
28 Jan 2018 10:37 am