
MP petrol pump dealers- एमपी में पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन ने किया ऐलान...। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ शक्कर के इस तरह के रेट। (फोटो पत्रिका/सोशल मीडिया)
MP Petrol Pump Dealers UPI Payment Limit- मध्यप्रदेश के पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि यदि सरकार यूपीए पर शुल्क लगाती है तो हम 1999 रुपए तक ही यूपीआई पेमेंट स्वीकार करेंगे। हम इसे आशंकित नहीं हैं, हम लोग स्ट्रेट फारवर्ड हैं। इधर, मध्यप्रदेश में भी सोशल मीडिया पर जमकर यूपीआई पेमेंट को लेकर दुकानदार या ग्राहकों पर पड़ने वाले बोझ पर बहस छिड़ी हुई और जमकर मीम्स भी चल पड़े हैं।
मध्यप्रदेश में भी पेट्रोल पंप और कई दुकानदारों ने लोगों को चेतावनी देना शुरू कर दिया है कि यदि सरकार शुल्क यूपीआई पर कोई शुल्क लाती है तो इसका भार ग्राहकों पर ही पड़ेगा। मध्यप्रदेश पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने शुक्रवार को पत्रिका.कॉम से स्पष्ट कहा कि हम आशंकित नहीं हैं, हम स्ट्रेट फारवर्ड हैं। यदि शुल्क लगता है तो हम 2000 रुपए के ऊपर कोई यूपीआई स्वीकार नहीं करेंगे। 1999 तक ही यूपीआई स्वीकार करेंगे। क्योंकि हमारा मार्जिन बहुत छोटा होता है।
अजय सिंह ने कपड़ा व्यापारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार कपड़े वाले व्यापारी यदि ग्राहक से पूछते हैं कि पेमेंट यूपीआई से करेंगे तो वो कपड़े की कीमत में ही अपना मार्जिन बढ़ा सकते हैं। लेकिन, हमारे पेट्रोल-डीजल के रेट तो फिक्स होते हैं। उसमें हम घटाना-बढ़ाना नहीं कर सकते।
अजय सिंह कहते हैं कि यह सरकार की नाकामी है। यूपीआई आया है तो कैश फ्लो कम हुआ है। नोट छापने के खर्च में कमी आई है। वो पैसा सर्विस प्रोवाइडर को देना चाहिए। सरकार नोट छापने में पैसा भी बचा रही है और हमसे भी पैसा वसूलेगी तो सरकार को जजिया कर वसूलने वाली हो गई। जो सब तरफ से सिर्फ पैसा लेना चाहती है, रिलीफ देना नहीं चाहती।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर वीडियो जारी कर समझाया है कि 2000 रुपए तक का सामान्य उपभोक्ताओं का पेमेंट होगा तो शून्य प्रतिशत एमडीआर का चार्ज लगेगा। यदि 75 हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन होगा तो इसका कैप 300 रुपए तक ही रहेगा। 2000 से ज्यादा और 75 हजार से कम 0.4 चार्ज आम आदमी पर नहीं लगेगा, यह चार्ज मर्चेंट को देना होगा। सामान्य ग्राहकों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह अफवाह फैलाई जा रही है कि ग्राहक को देना होगा, यह गलत है।
एमडीआर वसूले जाने की बात पर एक चैनल को दिए Assocham के एसपी शर्मा कहते हैं कि यह चार्ज उपभोक्ता को ही देना पड़ेगा, क्योंकि यह सेवा तो वे खुद ले रहे हैं।
यूपीआइ प्रणाली में 2000 रुपए से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क (एमडीआर) पर मध्यप्रदेश में भी व्यापारियों और लोगों का गुस्सा दिखने लगा है। एमपी में सोशल मीडिया पर रिएक्शन से लेकर मीम्स की बाढ़ आ गई है। कई दुकानदारों ने कैश, यूपीआई और कार्ड से पैसा लेने के अलग-अलग चार्ज लगाना शुरू कर दिया है। राजधानी भोपाल में भी पेट्रोल पंप और कई दुकानदारों ने लोगों को चेताना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को पेट्रोल पंप पर 2000 रुपए का पेट्रोल भरवाने पर अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया गया, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों ने चेतावनी देना अभी से शुरू कर दिया। इनके अलावा मार्केट में कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर यूपीआई से पेमेंट करने वालों को कैश के लिए बोलना शुरू कर दिया है। भोपाल में कुछ दुकानदारों ने पहले से ही अलग-अलग यूपीआई के क्यूआर कोड रख रखे हैं, जिससे एक ही खाते में पूरा ट्रांजेक्शन नहीं दिखे।
एक यूजर लिखते हैं कि देश में ये जो बेमतलब के इतनी सारी मुफ़्त की रेवड़ी जो बाँटी जा रही है उसे समाप्त किया जाए.. मोदी सरकार आत्मनिर्भर की जगह सरकार के दिए हुए भीख पर लोगों को निर्भर बनाने का काम कर रही है।
सरिता चौधरी नाम की यूजर लिखती है कि सरकार को UPI पर MDR लगे या न लगे, इससे उसे सीधे कोई खास फर्क नहीं पड़ता….क्योंकि MDR की रकम तो बैंकों, NPCI, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और UPI ऐप्स के बीच बंटनी है। असल खेल तो उस MDR पर लगने वाले 18% GST का है….ये सरकार अपनी जेब भरने का इतना बड़ा स्कोप कैसे छोड़ देती…
Updated on:
18 Sept 2026 02:17 pm
Published on:
18 Sept 2026 02:14 pm
