
स्वाइन फ्लू की जांच (Photo Source - Patrika)
Bhopal news:मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच जांच को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। सर्दी-खांसी, बुखार और बदन दर्द होते ही कई लोग एचाएना की जांच के लिए निजी लैब पहुंच रहे हैं। निजी लैब में कीमत 1800 से 4000 रुपए तक बताई जा रही है। दूसरी ओर, जयप्रकाश और हमीदिया अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं है। एम्स में यही जांच मुफ्त हो रही है। शहर की निजी लैब में स्वाइन फ्लू जांच के शुल्क की पड़ताल के दौरान पता चला कि अशोका गार्डन की एक निजी लैब में एचाएना की जांच के लिए 3200 रुपए लग रहे है। कोलार की निजी लैब में 2500 रुपए और चूनाभट्टी इलाके की निजी लैब में जांच के लिए 4000 रुपए और कुछ लैब में 1800 रुपए में भी जांच हो रही है।
मरीजों से मनमाना शुल्क वसूले जाने पर रोक लगाने के लिए कोरोना काल में सरकार ने निजी लैब की आरटीपीसीआर जांच के शुल्क तय किए थे, लेकिन स्वाइन फ्लू का संक्रमण बढ़ने बावजूद इसकी जांच अधिकतम शुल्क अब तक तय नहीं की गई है। नतीजा अलग-अलग निजी लैब के जांच शुल्क में अधिक अंतर देखा जा रहा है।
हमीदिया और जयप्रकाश जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की व्यवस्था नहीं है। दोनों अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों वायरल संक्रमण के 450 से 500 मरीज पहुंच रहे है। पिछले महीने स्वास्थ्य विभाग ने गांधी मेडिकल कॉलेज के लैब में जांच शुरू करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। कोरोना काल में लाई गई जांच मशीन स्थापित ही नहीं की गई है। स्वाइन फ्लू के नमूने एम्स भोपाल भेजे जा रहे हैं। निजी लैब में हजारों रुपए खर्च करने के बजाय डॉक्टर की सलाह पर एम्स में एचाएन जांच निशुल्क हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक हर सर्दी-खांसी और बुखार में स्वाइन फ्लू की जांच जरूरी नहीं होती।
भोपाल में 2026 में अब तक स्वाइन फ्लू के 71 मरीज सामने आ चुके हैं। 2019 में शहर में 100 से ज्यादा मामले दर्ज हुए थे। 2021 में 22 और 2022 में 48 मरीज मिले थे। पिछले साल पूरे मध्यप्रदेश में केवल सात मरीज सामने आए थे।
स्वाइन फ्लू को लेकर पैनिक होने फ्लू की तरह बहुत ही कमजोर है। अधिकांश मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। भीड़भाड़ और संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें और कोरोना काल के दौरान अपनाई सावधानियां बरतें।- डॉ. लोकेंद्र दवे, अधीक्षक, रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिजीज
लोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार, एम्स में मुफ्त जांच करा सकते हैं। नियमों के विरुद्ध शुल्क लेने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ओवरचार्जिंग की कोई शिकायत नहीं मिली है।- डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ
Updated on:
18 Sept 2026 09:31 am
Published on:
18 Sept 2026 09:31 am
