
sai devotee make world record. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा किया गया है। गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड की टीम मौजूद है और पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकार्डिंग की गई। यह आयोजन अवधपुरी स्थित आधारशिला कॉलोनी के साईं मंदिर में किया गया। यहां गुरुवार को साईं भक्तों ने 6 घंटे से भी कम समय में 3700 किलो खिचड़ी का प्रसाद तैयार कर दिया।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम गुरुवार को पूरे मंदिर परिसर में मौजूद थी। और साईं भक्तों ने महज 6 घंटे से भी कम समय में 3700 किलो खिचड़ी बना दी। खिचड़ी बनाने के इस आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड (guinness book of world record) में दर्ज कराया जा रहा है। खिचड़ी बनाने की पूरी प्रोसेस की वीडियोग्राफी भी की गई। वर्ल्ड रिकार्ड बनते ही गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम मंदिर समिति को प्रमाण पत्र सौंप देगी।
दो हजार किलो वजनी हांडी में बनाई खिचड़ी
दो टन वजनी यानी दो हजार किलो लोहे की हांडी में खिचड़ी बनाने का काम सुबह शुरू हुआ था। 25 लोगों की टीम लगातार खिचड़ी बनाती रही। इस खिचड़ी में 80 किलो सब्जी, 350 किलो चावल और 60 किलो दाल डाली गई थी। इसके अलावा 65 किलो कद्दू, 65 किलो गोभी, 25 किलो गाजर, 65 किलो पत्ता गोभी, 50 किलो बरबटी, 4 किलो हरी मिर्ची, 4 किलो अदरक, 7 किलो हरा धनिया, 30 किलो टमाटर का उपयोग किया गया। इसके अलावा 20 किलो चना दान, 40 किलो तुअर दाल, 60 किलो हरा मूंग, 15 किलो मूंगफली दाना, 104 लीटर तेल और 2 किलो मखाना, साढ़े तीन किलो हल्दी, 3 किलो हींक, 3 किलो कश्मीरी मिर्च भी डाली गई।
अवधपुरी स्थित साईं मंदिर के संस्थापक रमेश महाजन ने यह आयोजन करवाया है। इस बार महाजन कहते हैं कि वे 37 साल काम करने के बाद 24 अप्रैल को ही टेक्नीशियन ग्रेड-1 पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। इस बार साईं भक्तों के लिए उन्होंने संकल्प लिया था कि 3700 किलोग्राम खिचड़ी बनवाएंगे। यह खिचड़ी 15 हजार से अधिक साईं भक्तों में वितरित की जाएगी। खिचड़ी बनाने के लिए एक्सपर्टस की टीम मौजूद थी। इनमें सिविल इंजीनियर, मैकेनिकल इंजीनियर और गजेटेड आफिसर आदि शामिल थे। 11 अक्टूबर 2008 को मंदिर की स्थापना की गई थी।
हिमाचल के मंडी जिले में बना था रिकार्ड
इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भी ऐसा ही रिकार्ड बना था। 2020 में 1995 किलो खिचड़ी पकाई गई थी। इसके बाद अब भोपाल में 3700 किलो वजन की खिचड़ी बनाकर नया रिकार्ड स्थापित किया जा रहा है।