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World Record: भोपाल की कविता रावत ने उगाई 12 फीट 8 इंच की तुलसी, बना विश्व रिकॉर्ड

Kavita Rawat World Record-न रिकॉर्ड का इरादा, न कोई खास तैयारी... फिर 12 फीट 8 इंच की तुलसी ने दिलाया विश्व रिकॉर्ड...। भोपाल की कविता रावत को मिला सम्मान...।
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भोपाल

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Manish Gite

Aug 25, 2026

Kavita Rawat World Record

Kavita Rawat World Record- भोपाल की कविता रावत 12 फीट 8 इंच ऊँचे लौंग, तुलसी के पौधे के साथ। (फोटो- पत्रिका/AI)

Kavita Rawat World Record: प्रकृति के प्रति अटूट प्रेम, सही पोषण और अनवरत देखभाल से साधारण सी बागवानी भी कैसे विश्व रिकॉर्ड का रूप ले सकती है, इसकी एक अद्भुत मिसाल सामने आई है। भोपाल शहर की पर्यावरण प्रेमी कविता रावत ने 12 फीट 8 इंच ऊँचा लौंग तुलसी (Ocimum gratissimum) का पौधा उगाकर 'इंडिया स्टार वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराया है।

20 अगस्त 2026 को 'हॉर्टिकल्चर एंड प्लांट कंजर्वेशन' के तहत 'द ह्यूमन स्टोरी' श्रेणी में कविता रावत को दुनिया के सबसे ऊँचे लौंग तुलसी के पौधे के आधिकारिक प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने भी उन्हें id दी है, जिसके तहत उनके द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जिसके अनुसार वर्ष 2028 के उनके संस्करण प्रकाशन में यह तुलसी occimum gratissum category में दर्ज की जाएगी।

धैर्य और समर्पण से मिली यह उपलब्धि

आमतौर पर तुलसी का पौधा 3 से 5 फीट तक ही बढ़ता है, लेकिन कविता रावत के सही पोषण, जैविक खाद और नियमित देखभाल की बदौलत यह पौधा 12 फीट 8 का हो गया।

धैर्य और समर्पण से मिली यह उपलब्धि

आमतौर पर तुलसी का पौधा 3 से 5 फीट तक ही बढ़ता है, लेकिन कविता रावत के सही पोषण, जैविक खाद और नियमित देखभाल की बदौलत यह पौधा 12 फीट 8 इंच की असाधारण ऊँचाई तक पहुँचा। कविता रावत का कहना है कि उन्होंने यह पौधा किसी रिकॉर्ड के उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्रकृति सेवा के भाव से लगाया था। दिन-प्रतिदिन बढ़ती इसकी ऊँचाई उनके धैर्य और पर्यावरण के प्रति निष्ठा का परिणाम बनती गई।

आँगन से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कविता रावत ने कहा, "यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि प्रकृति की उस अद्भुत शक्ति का है जो सही प्रेम और देखभाल मिलने पर खिल उठती है। यदि हम ठान लें, तो अपने छोटे से आँगन या बालकनी से भी पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश दे सकते हैं।"

उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास हरियाली बढ़ाएँ, पौधरोपण करें और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। कविता रावत की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने उन्हें ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।