Salary- वेतन में कटौती की राशि से होगा टीचर्स का वेलफेयर, शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध, 26 मई को डीपीआइ बुलाया है
Salary- मध्यप्रदेश में अजब कवायद की जा रही है। यहां शिक्षकों के वेलफेयर के लिए फंड जुटाने के लिए वेतन में कटौती की जा रही है। प्रदेशभर के शिक्षक और शिक्षक संगठन इसका जबर्दस्त विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वेलफेयर के लिए फंड जुटाना सरकार का काम है। इसके लिए वेतन में कटौती करना पूरी तरह अनुचित है। प्रदेश के साढ़े तीन लाख शिक्षकों के वेतन में कटौती की जाएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेशभर के शिक्षकों के लिए वेलफेयर फंड तैयार करने जा रहा है। इसमें राशि सरकार की बजाय शिक्षकों की होगी। यानि शिक्षकों के कल्याण का काम उनके ही वेतन में कटौती कर किया जाएगा।
वेतन में इस कटौती का शिक्षक संगठन विरोध कर रहे हैं। ऐसे में सहमति के लिए 26 मई को बैठक बुलाई गई है जिसमें शामिल होने शिक्षक लोक शिक्षण संचालनालय पहुंचेंगे। वेलफेयर के नाम पर वेतन में कटौती पर शिक्षकों ने सवाल उठाए हैं। शिक्षकों के 15 संगठनों को लोक शिक्षण से पत्र मिले हैं। इसमें उन्हें 26 मई को डीपीआइ बुलाया गया है।
मामले में शिक्षकों ने कहा, वेलफेयर फंड सरकार की जिम्मेदारी है। शिक्षकों के वेतन में कटौती कर सरकार इससे अपना पल्ला झाड़ रही है। 26 मई को होने वाली बैठक में इन मामलों को रखा जाएगा। इसमें अपर परियोजना संचालक, समग्र शिक्षा के अधिकारी मौजूद होंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस फंड से शिक्षकों की मदद के काम होंगे।
शिक्षकों के मुताबिक उन्हें लोक शिक्षण आयुक्त से मिले निर्देश में कहा गया कि इस पर 19 नव्बर को स्कूल शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान की कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई थी। इसमें शिक्षकों के वेतन में कटौती कर फंड बनाने का प्रस्ताव पास हुआ।
एमपी में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे अब स्कूलों में एआइ पढ़ेंगे। फिलहाल बच्चों को एआइ की कौशल आधारित ही शिक्षा दी जाएगी। इसे चरणबद्ध तरीके से बेहतर बनाया जाएगा। सीएम डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करने के बाद अफसरों को एआइ और शिक्षा घर योजना के संबंध में निर्देश दिए। सीएम ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से पहले करने, सभी स्कूलों में बाउंड्रीवॉल का काम शुरू कराने, शत-प्रतिशत परिणाम देने वाली शालाओं को सम्मानित करने, शिक्षा घर योजना को लागू करने की बात कही।
शिक्षा घर योजना में किसी वजह से स्कूली शिक्षा पूरी न कर पाने वाले विद्यार्थियों को हाई स्कूल-हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना से ऐसे सभी किशोर-किशोरी, युवक- युवती लाभान्वित होंगे, जिन्होंने कक्षा 8 या इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। योजना का क्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश होगा।